Auraiya News: लखनऊ में आयोजित नगर निकायों के सुदृढ़ विकास को लेकर परामर्श एवं संवाद बैठक में औरैया की भागीदारी प्रभावी रही। दिवियापुर नगर पंचायत के अध्यक्ष राघव मिश्रा ने शहरी क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उनके सुझावों को अधिकारियों ने गंभीरता से सुना और भविष्य की योजनाओं में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया सरल बनाने की मांग
बैठक में राघव मिश्रा ने भवन मानचित्र (नक्शा) स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रणाली जटिल होने के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रक्रिया को आसान और डिजिटल करने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी नगर निकायों में एक समान गाइडलाइन लागू की जाए, ताकि नागरिकों को अलग-अलग नियमों के कारण भ्रम की स्थिति का सामना न करना पड़े। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी और लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।
सीसी सड़क और कवर ट्रेंच मॉडल पर जोर
राघव मिश्रा ने नगर क्षेत्रों में सड़कों और गलियों के निर्माण में एकरूपता लाने की बात कही। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि केवल सीसी (कंक्रीट) सड़कों और गलियों का निर्माण किया जाए, जिससे उनकी गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित हो सके। साथ ही गलियों की चौड़ाई के अनुसार एक मानक तय करने की भी आवश्यकता बताई।
उन्होंने एक अभिनव कवर ट्रेंच मॉडल का सुझाव भी दिया। इस मॉडल के तहत गली निर्माण के साथ ही एक निश्चित चौड़ाई और गहराई की ढकी हुई नाली बनाई जाएगी, जिसमें पीएनजी लाइन, जलापूर्ति पाइपलाइन, इंटरनेट केबल और बिजली के तार व्यवस्थित तरीके से डाले जा सकेंगे। इससे बार-बार सड़कों की खुदाई की समस्या समाप्त होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
मिश्रा का दावा है कि इस मॉडल को लागू करने से एक बार बनी गलियां 20 से 25 वर्षों तक टिकाऊ रह सकती हैं, जिससे सरकारी खर्च में भी भारी कमी आएगी।
बैठक में पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संसाधनों के बेहतर उपयोग और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। औरैया से दिए गए सुझावों को नगर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

