Auraiya News: उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार अग्निहोत्री ने सोमवार को औरैया जनपद का दौरा कर प्रधानाचार्यों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों से वार्ता की।
उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य तथा वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक रवि शंकर कुमार से मुलाकात कर वेतन, एरियर और महंगाई भत्ते (डीए) के भुगतान में हो रही देरी का मामला प्रमुखता से उठाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को समय से वेतन एवं अन्य देयकों का भुगतान मिलना बेहद जरूरी है। कई मामलों में एरियर तथा डीए के भुगतान में अनावश्यक विलंब होने से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे प्रकरणों की समीक्षा कर नियमानुसार शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की।
राजेश कुमार अग्निहोत्री ने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालयों की शैक्षिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके लंबित भुगतान और अन्य सेवा संबंधी मामलों का समयबद्ध तरीके से समाधान होना आवश्यक है। परिषद की ओर से प्रधानाचार्यों की समस्याओं को लगातार संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जाता रहेगा।
अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित प्रकरणों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
इस दौरान परिषद के विधि सलाहकार नारायण दुबे सहित जनपद के कई प्रधानाचार्य मौजूद रहे। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने जिला विद्यालय निरीक्षक और वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें अधिवेशन के अवसर पर प्रकाशित पत्रिका 'शिक्षा प्रभा' भेंट की।
जनपद भ्रमण के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से भी व्यक्तिगत मुलाकात की। उन्होंने विद्यालय संचालन से जुड़ी दिक्कतों, सेवा संबंधी समस्याओं और उनकी अपेक्षाओं की जानकारी ली। प्रधानाचार्यों ने भी अपने-अपने स्तर की समस्याएं उनके सामने रखीं।
प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि प्रधानाचार्यों की समस्याओं को परिषद के माध्यम से संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचाया जाता रहेगा और उनके समाधान के लिए आवश्यक स्तर पर प्रभावी पैरवी की जाएगी।

