Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को लेकर एक बड़ा और विवादित बयान दिया।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। शंकराचार्य ने हिंदू जनसंख्या बढ़ाने के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि यह विषय इतना महत्वपूर्ण है, तो समाज को दिशा देने वाले लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि हिंदुओं की संख्या बढ़ाने की चिंता है, तो मोहन भागवत को खुद विवाह कर संतान उत्पन्न करनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग समाज को सलाह देते हैं, उन्हें अपने व्यक्तिगत जीवन में भी उन बातों को अपनाना चाहिए। धर्म और जनसंख्या जैसे संवेदनशील विषयों पर बयान देने से पहले नेताओं को अपने आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए। इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। जहां कुछ लोग इसे धार्मिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं, वहीं कई इसे सीधा राजनीतिक कटाक्ष मान रहे हैं।
शंकराचार्य ने समाज में संतुलन और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की। हालांकि, उनके इस बयान ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सियासी माहौल को गरमा दिया है और आने वाले समय में इस पर और विवाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

