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Bhavishya Malika: नेपाल की बाढ़ की भविष्यवाणी 600 साल पहले? जानें भविष्य मालिका का सच

Newstrack 2 weeks ago

Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच सरकार ने अपने फैसले में बड़ा बदलाव किया है। नेपाल सरकार ने अब प्रभावित इलाकों में अंतर्राष्ट्रीय खोज और बचाव टीमों (International Search and Rescue Teams) की सीमित मदद लेने का फैसला किया है।

इससे पहले सरकार ने विदेशी बचाव टीमों को अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

नेपाल सरकार के इस फैसले में बदलाव के पीछे उन देशों का राजनयिक दबाव (Diplomatic Pressure) बताया जा रहा है, जिनके नागरिक इस भीषण आपदा के बाद से लापता हैं। इसी बीच भारत ने भी नेपाल के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारत की टेक्निकल टीम (Technical Team) मदद के लिए काठमांडू पहुंच चुकी है, जबकि भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) भी राहत और बचाव अभियान में जुटी हुई है।

भारत ने नेपाल भेजी 10 टन राहत सामग्री

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने जरूरी राहत सामग्री (Relief Material) भेजी है। भारतीय वायु सेना का सी-130 विमान (C-130 Aircraft) 10 टन जरूरी राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा है।

इस राहत सामग्री में दवाइयां (Medicines) और खाने-पीने की जरूरी चीजें शामिल हैं। भारत की ओर से भेजी गई यह सामग्री बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही भारतीय टेक्निकल टीम भी काठमांडू पहुंच चुकी है, जो जरूरत के मुताबिक राहत और बचाव कार्य में मदद करेगी।

विदेशी बचाव टीमों को नहीं दी थी अनुमति

नेपाल सरकार ने बुधवार 26 जून को कहा था कि उसके अपने बचाव कर्मी खोज अभियान (Search Operation) संभालने में सक्षम हैं। सरकार ने उस समय विदेशी बचाव टीमों को नेपाल में आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

सरकार का कहना था कि नेपाल के बचाव कर्मी ही खोज और बचाव अभियान को संभाल सकते हैं और इसके लिए विदेशी टीमों की जरूरत नहीं है। हालांकि बाढ़ की गंभीर स्थिति और कई विदेशी नागरिकों के लापता होने के बाद नेपाल सरकार ने अब अपना रुख बदल दिया है।

अब नेपाल ने डीएनए टेस्ट (DNA Test), फॉरेंसिक जांच (Forensic Investigation) और बचाव कार्य जैसे कुछ खास क्षेत्रों में सीमित अंतर्राष्ट्रीय मदद लेने का फैसला किया है।

विदेशी मदद को लेकर बढ़ रहा था दबाव

'द काठमांडू पोस्ट' के मुताबिक, नेपाल सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से विदेशी सर्च एंड रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों (Experts) की मदद लेने का काफी दबाव था। इस बाढ़ में कई विदेशी नागरिक लापता हुए हैं, जिसके बाद संबंधित देशों की ओर से नेपाल सरकार पर मदद लेने का दबाव बढ़ा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाढ़ में कई विदेशी नागरिक लापता हुए हैं। ऐसे में नेपाल सरकार अब कुछ खास क्षेत्रों में सीमित संख्या में विशेषज्ञों को नेपाल आने की अनुमति दे रही है।

इसका मतलब यह है कि नेपाल ने पूरी तरह विदेशी बचाव टीमों को अभियान सौंपने का फैसला नहीं किया है, बल्कि जिन क्षेत्रों में विशेषज्ञता की कमी है, वहां सीमित अंतर्राष्ट्रीय मदद लेने पर सहमति बनी है।

77 ईशा तीर्थयात्री अब भी लापता

चीन-नेपाल सीमा (China-Nepal Border) के पास अचानक आई बाढ़ के बाद 77 ईशा तीर्थयात्रियों (Isha Pilgrims) के अब भी लापता होने की खबर है। इन लोगों की तलाश को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Shishir Khanal) ने एक समाचार एजेंसी से कहा कि नेपाल को उन तकनीकी क्षेत्रों (Technical Areas) में विदेशी मदद की जरूरत है, जहां उसके पास विशेषज्ञता की कमी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नेपाल को विदेशी मदद की जरूरत नहीं है।

इस तरह नेपाल सरकार ने विदेशी विशेषज्ञों की मदद लेने का रास्ता तो खोला है, लेकिन मुख्य खोज और बचाव अभियान अभी भी अपने बचाव दलों के जरिए ही चलाने की बात कही है।

बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत

नेपाल में आई भीषण बाढ़ से तबाही का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अब तक इस आपदा में 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और उन्हें राहत सामग्री, भोजन और दूसरी जरूरी मदद की जरूरत है।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में लोगों का संपर्क टूट गया है। लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी जारी है।

320 भारतीयों से संपर्क नहीं

नेपाल में आई इस आपदा के बीच बड़ी संख्या में भारतीयों के भी फंसे होने की जानकारी सामने आई है। करीब 320 भारतीय नागरिकों समेत भारतीय मूल के 100 लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

इन लोगों को लेकर भारत में भी चिंता बनी हुई है। इसी वजह से भारत की ओर से राहत और बचाव अभियान में सक्रिय रूप से मदद की जा रही है। भारतीय वायु सेना का सी-130 विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है और भारतीय टेक्निकल टीम भी काठमांडू पहुंच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि तिब्बत (Tibet) में मौजूद करीब 400 भारतीयों से संपर्क हो चुका है और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

भारत लगातार राहत-बचाव में जुटा

नेपाल में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच भारत की ओर से राहत और बचाव अभियान में लगातार मदद की जा रही है। दवाइयों और खाने-पीने की चीजों समेत 10 टन जरूरी राहत सामग्री नेपाल भेजी गई है।

वहीं नेपाल सरकार के अपने फैसले में बदलाव के बाद अब डीएनए टेस्ट, फॉरेंसिक जांच और कुछ विशेष तकनीकी क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद लेने का रास्ता साफ हुआ है। ऐसे में लापता लोगों की पहचान और तलाश के अभियान में भी बाहरी विशेषज्ञों की मदद मिल सकेगी।

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