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Bigg Boss 20 House: दो हिस्सों में बंटेगा बिग बॉस का घर, एक में रहेंगे कंटेस्टेंट्स तो दूसरे में कौन?

Bigg Boss 20 House: दो हिस्सों में बंटेगा बिग बॉस का घर, एक में रहेंगे कंटेस्टेंट्स तो दूसरे में कौन?

Newstrack 2 weeks ago

SCO Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कीर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) यानी एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन को लेकर भारत का रोडमैप सामने रखा है।

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि क्षेत्र में आतंकवाद (Terrorism) पूरी तरह खत्म होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद को क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) और कीर्गिस्तान (Kyrgyzstan) की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) के निमंत्रण पर ताशकंद (Tashkent) की राजकीय यात्रा करेंगे। इसके बाद वह कीर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक (Bishkek) पहुंचकर एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

दौरे से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान मध्य एशिया (Central Asia) के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों (Strategic Relations) को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही व्यापार, निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा होगी।

29 और 30 अगस्त को ताशकंद में रहेंगे PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 और 30 अगस्त को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में रहेंगे। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर बातचीत होगी। इस दौरान व्यापार और निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर खास तौर पर चर्चा की जाएगी।

शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी जाएंगे

प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में शास्त्री स्मारक (Shastri Memorial) और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में स्थित महात्मा गांधी केंद्र (Mahatma Gandhi Centre) का भी दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दोनों स्थान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों (Cultural Relations) और लोगों के बीच रिश्तों के प्रतीक हैं। भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सभ्यतागत और जनस्तरीय संबंध लंबे समय से चले आ रहे हैं और दोनों देशों के बीच इन रिश्तों की अपनी खास अहमियत है।

बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे PM

ताशकंद की यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीर्गिस्तान के राष्ट्रपति सद्यर जापारोव (Sadyr Japarov) के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे। वहां वह 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन (SCO Summit) में हिस्सा लेंगे।

यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब एससीओ की स्थापना को 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत 2017 से एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य (Active and Constructive Member) रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एससीओ के मंच पर क्षेत्र के लिए भारत की सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने भारत की इस सोच को सुरक्षा, संपर्क और अवसर (Security, Connectivity and Opportunity) पर आधारित बताया है।

आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एससीओ के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत एससीओ के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करना चाहता है, जो आतंकवाद, अलगाववाद (Separatism) और उग्रवाद (Extremism) की समस्या से मुक्त हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये चुनौतियां भारत के पड़ोस और उससे आगे भी शांति और स्थिरता के लिए लगातार खतरा बनी हुई हैं। ऐसे में क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करना है, जहां सुरक्षा मजबूत हो, देशों के बीच संपर्क बेहतर हो और लोगों के लिए नए अवसर पैदा हों।

मध्य एशिया के साथ रिश्ते मजबूत करने पर फोकस

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान और कीर्गिस्तान यात्रा के दौरान मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने पर खास जोर रहेगा। व्यापार और निवेश से लेकर डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा तक कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

वहीं बिश्केक में होने वाला एससीओ शिखर सम्मेलन भारत के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखने का अहम मंच होगा। प्रधानमंत्री ने यात्रा से पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयास भारत के एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल रहेगा।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi