Bombay Creamery Ice Cream: मुकेश अंबानी की रिलायंस अब सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक और पैकेज्ड फूड तक सीमित नहीं रहने वाली है। कैंपा के जरिए पेप्सी और कोका-कोला जैसे बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देने के बाद रिलायंस ने अब आइसक्रीम बाजार में भी कदम रख दिया है।
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने बॉम्बे क्रीमरी नाम से अपना नया आइसक्रीम ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी शुरुआती कीमत है, जो महज 10 रुपये रखी गई है। ऐसे में बाजार में पहले से मजबूत पकड़ रखने वाले Amul, Mother Dairy और Kwality Wall's जैसे ब्रांडों के सामने एक नया और मजबूत प्रतिद्वंद्वी आ गया है।
₹10 से शुरू होगी बॉम्बे क्रीमरी की आइसक्रीम
रिलायंस ने Bombay Creamery को आम ग्राहकों की पहुंच में आने वाले प्रीमियम डेयरी ब्रांड के तौर पर पेश किया है। कंपनी का कहना है कि आइसक्रीम बनाने में असली डेयरी क्रीम और दूसरी डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी रिलायंस कम कीमत के साथ क्वालिटी पर भी जोर देने की कोशिश कर रही है। 10 रुपये की शुरुआती कीमत का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को इस नए ब्रांड से जोड़ना है। खासकर ऐसे बाजार में जहां आइसक्रीम की बिक्री में छोटे पैक और कम कीमत वाले उत्पादों की अहम भूमिका रहती है।
कोन, कप और टब से लेकर स्टिक तक विकल्प
Bombay Creamery को कंपनी ने अलग-अलग फॉर्मेट में उतारा है। ग्राहकों को कोन और कप के साथ टब, बार और स्टिक जैसे विकल्प भी मिलेंगे। इससे कंपनी एक तरफ बच्चों और युवाओं के बीच छोटे पैक को बढ़ावा दे सकती है, वहीं परिवार के लिए बड़े पैक के जरिए घर पर खपत वाले बाजार को भी निशाना बनाएगी। अलग-अलग पैक और कीमत रखने की रणनीति रिलायंस को आइसक्रीम बाजार के अलग-अलग ग्राहक वर्गों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकती है।
पहले पश्चिमी भारत में बिक्री, फिर देशभर में विस्तार
Bombay Creamery की शुरुआत फिलहाल पश्चिमी भारत से की गई है। कंपनी इसके बाद धीरे-धीरे दूसरे राज्यों और शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की योजना बना रही है। आगे चलकर इसका पैन-इंडिया रोलआउट किया जाएगा। रिलायंस के पास पहले से देशभर में फैला बड़ा रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। कंपनी इसी नेटवर्क का इस्तेमाल नए आइसक्रीम ब्रांड को तेजी से बाजार तक पहुंचाने के लिए कर सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक
आइसक्रीम कारोबार में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि प्रोडक्ट को लगातार कम तापमान पर रखना पड़ता है। ऐसे में रिलायंस की मौजूदा रिटेल पहुंच और सप्लाई चेन बॉम्बे क्रीमरी के विस्तार में उसके लिए बड़ा फायदा साबित हो सकती है।
Amul और Mother Dairy जैसे बड़े ब्रांडों से मुकाबला
भारतीय आइसक्रीम बाजार में पहले से कई मजबूत कंपनियां मौजूद हैं। Amul और Mother Dairy जैसे डेयरी ब्रांडों के अलावा Kwality Wall's, Vadilal और Arun जैसे नाम भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे बाजार में रिलायंस की एंट्री सामान्य कारोबारी विस्तार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैंपा की तरह आइसक्रीम में भी खेलेगी बड़ा दांव
रिलायंस के नए कदम को कैंपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कंपनी ने कैंपा को दोबारा बाजार में उतारते समय भी किफायती कीमत और बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर जोर दिया था। इसके बाद कैंपा ने भारतीय कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में तेजी से अपनी जगह बनाई। रिलायंस की FY26 रिपोर्ट के मुताबिक कैंपा की ग्रॉस सेल्स 4,700 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी हैं और यह भारत का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया है। अब आइसक्रीम बाजार में भी रिलायंस उसी तरह बड़े पैमाने पर ग्राहक जोड़ने की कोशिश कर रही है। 10 रुपये की शुरुआती कीमत इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
सिर्फ सस्ती कीमत से नहीं मिलेगी बाजार में सफलता
बॉम्बे क्रीमरी के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। आइसक्रीम बाजार में सिर्फ कम कीमत के दम पर लंबे समय तक टिकना मुश्किल है। ग्राहकों के लिए स्वाद, गुणवत्ता, ब्रांड पर भरोसा और हर जगह आसानी से उपलब्ध होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

