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चांद पर एक यादगार नाम: कमांडर की दिवंगत पत्नी के सम्मान में क्रेटर रखने का प्रस्ताव

Newstrack 1 week ago

Artemis II Moon Mission: अंतरिक्ष एजेंसी नासा के आर्टेमिस II मिशन ने इतिहास रचते हुए इंसानों को अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक चांद के पास पहुंचाने का मुकाम हासिल किया। लेकिन इस वैज्ञानिक उपलब्धि के बीच मिशन का एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला पल भी सामने आया।

मिशन कमांडर रीड वाइजमैन की 2020 में कैंसर से निधन हो चुकी पत्नी कैरोल के सम्मान में क्रू ने चांद पर एक क्रेटर का नाम रखने का प्रस्ताव रखा। यह क्षण न केवल क्रू बल्कि मिशन कंट्रोल में बैठे सभी लोगों के लिए बेहद संवेदनशील और यादगार बन गया।

मिशन के सभी सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत थी कैरोल

मिशन स्पेशलिस्ट जेरेमी हैनसेन ने मिशन कंट्रोल से बात करते हुए बताया कि यह नाम एक याद और सम्मान का प्रतीक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कैरोल सिर्फ एक जीवनसाथी ही नहीं थीं, बल्कि मिशन के सभी सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी थीं। जेरेमी ने विशेष रूप से उस क्रेटर का जिक्र किया, जो चांद के उस चमकीले हिस्से पर स्थित है, जिसे पृथ्वी से भी देखा जा सकता है। उनका कहना था कि यह जगह कैरोल की यादों को हमेशा जिंदा रखेगी। इस दौरान क्रू ने कहा कि यह नाम केवल व्यक्तिगत श्रद्धांजलि नहीं बल्कि मानवता और उनके योगदान का प्रतीक होगा।

मिशन कंट्रोल में भावनाओं से भरा रहा ये पल

जब क्रू ने यह प्रस्ताव रखा, तो मिशन कंट्रोल में कुछ समय के लिए सन्नाटा छा गया। कोई भी तुरंत बोल नहीं पाया, और हर किसी की आंखों में सम्मान और संवेदनशीलता झलक रही थी। इसके बाद कैपकॉम जेनी गिबन्स ने प्रस्ताव को स्वीकार किया। नासा के लाइव प्रसारण में देखा गया कि क्रू के अन्य सदस्य वाइजमैन को गले लगाकर उनका हौसला बढ़ा रहे थे। यह पल मिशन के सबसे भावुक और यादगार क्षणों में शामिल हो गया। मिशन के दौरान क्रू ने सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धियों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि इस मानवीय भावना और सम्मान को भी साझा किया, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया।

आगे बढ़ी आधिकारिक मंजूरी की प्रक्रिया

हालांकि क्रेटर का नाम फिलहाल अनौपचारिक है, इसे आधिकारिक बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय खगोलीय निकाय इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन (IAU) से मंजूरी लेनी होगी। IAU की प्रक्रिया में आमतौर पर समय लगता है, क्योंकि कई स्तरों पर नाम के महत्व और उपयुक्तता को जांचा जाता है। इसके बाद ही नाम को आधिकारिक तौर पर चांद के नक्शे में दर्ज किया जा सकता है। इस मिशन में क्रू ने अपने स्पेसक्राफ्ट 'इंटीग्रिटी' के नाम पर भी एक क्रेटर का नाम रखने का सुझाव दिया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि क्रू ने अपनी यात्राओं और अनुभवों को हमेशा स्मरणीय और मानवता से जुड़ा रखने की कोशिश की।

आर्टेमिस II मिशन की खासियत

आर्टेमिस II मिशन नासा की महत्वाकांक्षी योजना आर्टेमिस प्रोग्राम का हिस्सा है और यह पहला मिशन है जिसमें इंसानी क्रू चांद के आसपास यात्रा कर रहा है। मिशन ने इंसानों को चांद से सबसे ज्यादा दूरी तक पहुंचाने का उल्लेखनीय काम किया है और यह मिशन अगले दशक में लूना बेस और मंगल यात्रा की तैयारी का आधार भी है। इसके दौरान क्रू ने कई वैज्ञानिक प्रयोग और डेटा संग्रह किए और मिशन के उच्च प्रशिक्षित सदस्य मानवता और विज्ञान के बीच पुल का काम कर रहे हैं। इस मिशन ने यह भी दिखाया कि विज्ञान और मानव भावनाएं एक-दूसरे के पूरक हैं, और सिर्फ तकनीकी उपलब्धियों से ही मिशन सफल नहीं माना जाता।

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