Chandauli News: रेल यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत जौनपुर जंक्शन स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग (ट्रैक और बुनियादी ढांचे में सुधार) का कार्य किया जाना है।
इस तकनीकी कार्य (प्री-एनआई और एनआई) के चलते रेलवे ने मई 2026 में पूर्व मध्य रेल की कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया है। जौनपुर होकर गुजरने वाली करीब 16 ट्रेनों को अब बदले हुए रास्ते से चलाया जाएगा, जिससे कुछ स्टेशनों पर उनका ठहराव भी प्रभावित होगा।
वाराणसी-औंड़िहार होकर चलेंगी ये ट्रेनें
जौनपुर स्टेशन पर काम की वजह से कई लंबी दूरी की ट्रेनों को वाराणसी और औंड़िहार के रास्ते डायवर्ट किया गया है:
बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231/15232): 13 से 27 मई तक यह ट्रेन औंड़िहार-वाराणसी-प्रयागराज-मानिकपुर होकर चलेगी। इस दौरान जौनपुर, मिर्जापुर और विन्ध्याचल जैसे स्टेशनों पर यह ट्रेन नहीं रुकेगी।
शालिमार-गोरखपुर एक्सप्रेस (15021/15022): मई के विभिन्न हफ्तों में यह ट्रेन डीडीयू-वाराणसी-औंड़िहार के रास्ते चलेगी। इसका जौनपुर ठहराव निरस्त रहेगा।
वलसाड-मुजफ्फरपुर व कोलकाता-गाजीपुर सिटी: इन ट्रेनों को भी वाराणसी-औंड़िहार के रास्ते चलाया जाएगा, जिससे जौनपुर के यात्रियों को दिक्कत हो सकती है।
सुलतानपुर होकर जाने वाली प्रमुख गाड़ियां
अयोध्या और शाहगंज के रास्ते जाने वाली कई ट्रेनों को अब सुलतानपुर के रास्ते भेजा जाएगा:
वंदे भारत एक्सप्रेस (22345): पटना-गोमतीनगर वंदे भारत 4 से 27 मई तक जफराबाद-सुलतानपुर-अयोध्या कैंट होकर चलेगी। इस दौरान यह 'अयोध्या धाम' स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
रक्सौल-आनंद विहार (14017/14018): यह ट्रेन सुलतानपुर होकर चलेगी, जिससे अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट, अकबरपुर और शाहगंज जैसे कई स्टेशनों का ठहराव प्रभावित होगा।
टाटा-अमृतसर (18103) व पटना-इंदौर (19321): इन ट्रेनों को भी जफराबाद-सुलतानपुर-लखनऊ मार्ग पर स्थानांतरित किया गया है।
यात्रियों के लिए सुझाव
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (NTES)या रेलवे की वेबसाइट पर अपनी ट्रेन की सही स्थिति और मार्ग की जांच कर लें। जौनपुर या अयोध्या के पास उतरने वाले यात्रियों को बदले हुए मार्ग के कारण वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना पड़ सकता है।यह बदलाव केवल मई माह के दौरान कार्य पूरा होने तक प्रभावी रहेगा। कार्य संपन्न होने के बाद सभी गाड़ियां अपने पुराने निर्धारित मार्ग पर वापस लौट आएंगी।

