Chandauli News: जिले की नौगढ़ तहसील में व्याप्त अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। बार एसोसिएशन नौगढ़ ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र भेजकर तहसील परिसर में फैली विभिन्न समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की है।
वकीलों का आरोप है कि तहसील प्रशासन की ढुलमुल कार्यशैली और कर्मचारियों की मनमानी के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख सरकारी दफ्तरों के संचालन की मांग:
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामचंद्र यादव द्वारा प्रेषित पत्र में मुख्य रूप से रजिस्ट्री ऑफिस और ट्रेजरी को तहसील परिसर में ही संचालित करने की मांग की गई है। साथ ही, पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय को भी तहसील परिसर से चलाने का सुझाव दिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में समन्वय बना रहे और वादकारियों को इधर-उधर न भटकना पड़े।
लेखपालों की मनमानी और फाइलों में देरी:
पत्र में राजस्व कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रोष जताया गया है। वकीलों का आरोप है कि धारा 38 और 76 से संबंधित फाइलों पर रिपोर्ट लगाने में लेखपाल 2 से 3 महीने से अधिक का समय ले रहे हैं। इतना ही नहीं, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भी बीडीओ नौगढ़ द्वारा फाइलों को महीनों तक लंबित रखा जा रहा है, जिससे आम नागरिक बेहद परेशान हैं।
एक ही जगह जमे कर्मचारियों से बढ़ा भ्रष्टाचार:
शिकायत में एक गंभीर मुद्दा भ्रष्टाचार का भी उठाया गया। बार एसोसिएशन का कहना है कि नौगढ़ तहसील में अधिकांश लेखपाल पिछले 8 से 10 वर्षों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए हैं। लंबे समय तक एक ही जगह तैनात रहने के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और कार्यों में पारदर्शिता की कमी आ गई है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव:
तहसील में आने वाले लोगों के लिए पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। वकीलों ने तहसील परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या का मुद्दा उठाया, बताया कि भीषण गर्मी में भी पीने के पानी का उचित प्रबंध नहीं है। साथ ही आरोप लगाया गया कि कानूनगो और तहसीलदार स्तर पर जानबूझकर फाइलों और आख्या रिपोर्ट को अटकाया जाता है।
आगे की कार्रवाई:
वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि इन सात सूत्रीय मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इस गंभीर शिकायत पर क्या कड़ा रुख अपनाते हैं।

