Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Dhurandhar डायरेक्टर Aditya Dhar को पसंद आई Toxic, की यश की तारीफ, देखें

Dhurandhar डायरेक्टर Aditya Dhar को पसंद आई Toxic, की यश की तारीफ, देखें

Newstrack 1 week ago

PNB Fake Currency Case: यूपी के सहारनपुर (Saharanpur) में पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी की सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट (Currency Chest) में जाली नोटों का मामला लगातार बड़ा होता जा रहा है।

कल तक जहां करीब 7 करोड़ रुपए के जाली नोट मिलने की बात सामने आई थी, वहीं अब यह रकम बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।

नकली नोटों (Fake Currency) की रकम दोगुनी से भी ज्यादा होने के साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) और पंजाब नेशनल बैंक की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम मंगलवार को सहारनपुर पहुंची। टीम ने करीब आठ घंटे तक करेंसी चेस्ट में जांच-पड़ताल की और नकदी से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।

जयपुर भेजी गई करेंसी से खुला पूरा मामला

इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब करीब 11.50 करोड़ रुपए की करेंसी आरबीआई के जयपुर कार्यालय भेजी गई। वहां नोटों के मिलान के दौरान करीब 4.30 लाख रुपए की कमी मिली।

इसके बाद बैंक ने सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट की विस्तृत जांच शुरू कराई। जांच आगे बढ़ी तो पहले करीब 7.40 करोड़ रुपए के नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई। अब जांच में यह रकम बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।

21 सदस्यीय टीम ने 8 घंटे तक की जांच

मंगलवार को आरबीआई और पीएनबी की 21 सदस्यीय संयुक्त टीम सहारनपुर पहुंची। टीम ने करीब आठ घंटे तक करेंसी चेस्ट के भीतर कैश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की।

जांच के दौरान नकदी के बंडल, सील, रजिस्टर और कैश के आने-जाने से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला गया। टीम अब नकली नोटों के पूरे ट्रेल (Cash Trail) की पड़ताल में जुटी है।

कहां से आए नकली नोट, अब इसी कड़ी को जोड़ रही टीम

जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट बैंकिंग व्यवस्था की अलग-अलग जांच प्रक्रियाओं को पार करते हुए करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंच गए।

संयुक्त टीम अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से आए और बैंकिंग चैनल (Banking Channel) में किस स्तर पर शामिल हुए। इसके साथ ही नोटों के गिनती, छंटाई, सत्यापन, बंडल तैयार करने और करेंसी चेस्ट में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

सीरियल नंबर, बंडल और सील का हो रहा मिलान

टीम कैश की प्राप्ति से लेकर उसके सत्यापन तक के रिकॉर्ड को खंगाल रही है। नोटों के सीरियल नंबर, बंडल और सील से जुड़े दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।

जांच एजेंसियां इस बात की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर नकली नोट किस रास्ते से करेंसी चेस्ट तक पहुंचे और इस पूरी प्रक्रिया में कहां चूक हुई।

तीन बैंक अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई

जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े तीन बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

इसके अलावा हाउसकीपर से जुड़े रुपए की कमी के मामले की भी जांच चल रही है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि रुपए की कमी और नकली करेंसी का मामला एक ही कड़ी का हिस्सा हैं या दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं।

आरोपियों के बैंक खाते सीज

करीब 17 करोड़ रुपए की नकली करेंसी मिलने के मामले में जांच अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच गई है। मामले में जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनके बैंक खाते सीज करा दिए गए हैं।

अब इन खातों के लेनदेन और पिछले समय के वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा सकती है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि कहीं किसी संदिग्ध रकम का लेनदेन तो नहीं हुआ।

हरियाणा तक पहुंची जांच की आंच

मामले की जांच का दायरा सहारनपुर तक सीमित नहीं रहा है। आरोपियों और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल के लिए हरियाणा तक भी दबिश दी जा रही है।

जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, कैश रिकॉर्ड और नकदी की पूरी आवाजाही को जोड़कर मामले की हर कड़ी तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

7 करोड़ से 17 करोड़ तक पहुंचा मामला

सहारनपुर की पीएनबी करेंसी चेस्ट में नकली नोटों का मामला अब बेहद गंभीर हो गया है। पहले करीब 7 करोड़ रुपए की नकली करेंसी सामने आने की बात हुई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा करीब 17 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंकिंग व्यवस्था की कई जांच प्रक्रियाओं से गुजरकर करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। आरबीआई और पीएनबी की संयुक्त टीम इसी सवाल का जवाब तलाशने में जुटी है। साथ ही तीन बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई और आरोपियों के बैंक खाते सीज किए जाने के बाद जांच अब नकदी के स्रोत से लेकर उससे जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों तक पहुंच गई है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi