Delhi Assembly security breach case update: देश की राजधानी दिल्ली की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक, दिल्ली विधानसभा में सोमवार दोपहर जो हुआ, उसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
गेट नंबर 2 से एक तेज रफ्तार कार का अंदर घुसना और महज पांच मिनट में सुरक्षा घेरे को ठेंगा दिखाकर बाहर निकल जाना, किसी फिल्मी स्टंट जैसा था। लेकिन अब इस मामले में जो खुलासे हो रहे हैं, वे और भी चौंकाने वाले हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी सरबजीत सिंह ने घुसपैठ की जो वजह बताई है, उसने जांच का रुख पूरी तरह मोड़ दिया है। आरोपी का दावा है कि उसने यह सब अपने लापता भतीजे की तलाश में सिस्टम को जगाने के लिए किया।
भतीजे की गुमशुदगी और 'सिस्टम' को चुनौती
जांच में सामने आया है कि सरबजीत सिंह का भतीजा हरमनदीप सिंह, जो दिल्ली में बीटेक का छात्र है, 1 अप्रैल से लापता है। इसकी रिपोर्ट पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर थाने में दर्ज है। सरबजीत का कहना है कि पुलिस उसके भतीजे को ढूंढने में ढिलाई बरत रही थी। उसे लगा कि अगर वह विधानसभा जैसी हाई-प्रोफाइल जगह पर हंगामा करेगा, तो बड़े अधिकारी उसकी बात सुनेंगे और कार्रवाई तेज होगी। इसी सनक में उसने सोमवार दोपहर 2:10 बजे अपनी कार विधानसभा परिसर में घुसा दी। वहां उसने स्पीकर की गाड़ी पर माला और गुलदस्ता भी रखा, जिसे पुलिस उसके विरोध का एक तरीका मान रही है।
मानसिक बीमारी का दावा या सोची-समझी चाल?
सरबजीत के परिवार और उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, वह मानसिक रूप से परेशान है और शाहजहांपुर के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। हालांकि, दिल्ली पुलिस इस थ्योरी को पूरी तरह स्वीकार करने के मूड में नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरबजीत शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट है और उसने हाल ही में एक नई कार भी खरीदी थी। वह आर्थिक रूप से काफी संपन्न है। जिस तरह उसने खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाई और सुरक्षाकर्मियों की जान जोखिम में डाली, उससे पुलिस को अंदेशा है कि इसके पीछे कोई गहरी मंशा भी हो सकती है।
8 दिनों की रिमांड और जांच के घेरे में 'टैक्सी ड्राइवर'
अदालत ने आरोपी सरबजीत को 8 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उसके पिछले कुछ दिनों के मूवमेंट, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरबजीत दिल्ली के रास्तों से अनजान था। उसने दो टैक्सी ड्राइवरों को अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर ले जाने के लिए 2000 रुपये दिए थे। पुलिस ने इन ड्राइवरों से भी लंबी पूछताछ की है, हालांकि अब तक उनकी कोई संदिग्ध भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सरबजीत के साथ कार में मौजूद दो अन्य लोग भी इस साजिश का हिस्सा थे।
संगीन धाराएं और सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली पुलिस ने सरबजीत के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी पर बल प्रयोग और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी बेहद गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। विधानसभा के भीतर इस तरह की घुसपैठ ने वीवीआईपी सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, सरबजीत पुलिस की रिमांड पर है और अगले 8 दिनों में पुलिस यह साफ करने की कोशिश करेगी कि क्या यह वाकई एक हताश चाचा की 'इमोशनल' हरकत थी या फिर दिल्ली को दहलाने की किसी बड़ी साजिश का रिहर्सल।

