Varanasi DCP Neetu Kadiyan meeting with Traders: धर्म और अध्यात्म की नगरी वाराणसी में इन दिनों पुलिस और जनता के बीच बढ़ते भरोसे की एक नई तस्वीर देखने को मिल रही है। गोमती ज़ोन की पुलिस उपायुक्त (DCP), जिन्हें अपनी कड़क कार्यशैली और न्यायप्रियता के कारण जनता प्यार से 'लेडी सिंघम' कहती है, नीतू काद्दयान ने आज व्यापारिक जगत के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
व्यापारियों के साथ आयोजित एक विशेष गोष्ठी के दौरान उन्होंने न केवल उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई कड़े और जरूरी निर्देश भी जारी किए।
स्ट्रीट लाइट से साइबर अपराध तक: व्यापारियों ने रखी अपनी बात
इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यापारी बंधुओं ने 'लेडी सिंघम' के सामने अपनी वे परेशानियां रखीं जो उनके व्यवसाय और सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। व्यापारियों ने मुख्य रूप से बाज़ारों और गलियों में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा उठाया। साथ ही, उन्होंने बढ़ते साइबर अपराधों और चोरी की वारदातों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। व्यापारियों का कहना था कि पर्याप्त रोशनी न होने और तकनीकी सुरक्षा की कमी के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो जाते हैं, जिससे व्यापार करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
खराब CCTV पर सख्ती और 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' पर जोर
डीसीपी नीतू काद्दयान ने व्यापारियों की समस्याओं को सुनने के बाद तुरंत एक्शन मोड में नजर आईं। उन्होंने क्षेत्र के सभी थानों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे जो भी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए। 'लेडी सिंघम' ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा, "पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हर पल खड़ी है, लेकिन आप भी अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं। यह अपराधियों पर पैनी नजर रखने और उन्हें पकड़ने में हमारा सबसे बड़ा हथियार साबित होगा।" उन्होंने हाईवे पर प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अन्य संबंधित विभागों के साथ तालमेल बिठाने का भी भरोसा दिलाया।
साफा पहनाकर 'लेडी सिंघम' का भव्य सम्मान
पुलिस प्रशासन की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन से व्यापारी वर्ग काफी गदगद नजर आया। व्यापारियों ने डीसीपी नीतू काद्दयान की कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें पारंपरिक साफा पहनाकर सम्मानित किया। व्यापारियों का कहना है कि जब अधिकारी खुद चलकर उनके बीच आते हैं, तो सुरक्षा का अहसास दोगुना हो जाता है। पुलिस-पब्लिक पार्टनरशिप की दिशा में उठाये गए इस कदम से न केवल अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि वाराणसी के बाजारों में भयमुक्त वातावरण भी तैयार होगा।

