Etah News: वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में है। यहां तैनात संविदा डॉक्टर मुकेश परमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुलेआम मरीज और तीमारदार को धमकाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो में डॉक्टर का लहजा इतना आक्रामक बताया जा रहा है कि वे "काटकर फेंक देने" जैसी बातें कहते हुए दिख रहे हैं, जिससे मरीजों में डाक्टर का भय एवं रोष फैल गया है।
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति अपने बेटे के हाथ का ऑपरेशन कराने मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे सरकारी अस्पताल में इलाज करने के बजाय निजी अस्पताल में इलाज कराने का दबाव बनाया। जब तीमारदार ने इसका विरोध किया और बताया कि वह पत्रकार है, तो उसके साथ अभद्रता और धमकी दी गई।
स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। डॉक्टर पर पहले भी हड्डी के मरीजों को जबरन निजी अस्पताल रेफर करने व अपनी कार में बैठाकर ले जाने के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में की गई शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, एक विश्वास दो बार हटाने के बाद भी उन्हें फिर से मेडिकल कॉलेज में मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने के लिए रखा गया।
इस मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में निजी प्रैक्टिस और कथित कमीशनखोरी के खेल को उजागर कर दिया है। आरोप हैं कि मेडिकल कॉलेज में कुछ दलाल सक्रिय हैं, जो डॉक्टरों के संपर्क में रहकर मरीजों को बहलाकर निजी अस्पतालों तक ले जाते हैं। वहां इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है और पूरा खेल रेफर से लेकर ऑपरेशन तक कमीशन पर चलता है। इसके अलावा कुछ डॉक्टर अपने साथ निजी व्यक्ति (दलाल) को लेकर आते हैं। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब पीड़ित पक्ष से जुड़े एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। पत्रकार की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अब क्रॉस एफआईआर की भी चर्चा हो रही है, जिससे विवाद और गहरा गया है।
लगातार शिकायतों और खबरों के प्रकाशन के बावजूद यदि ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब और आम मरीजों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
समाचार पत्रों में खबरों के प्रकाशित होने और लगातार मेडिकल कॉलेज में मरीजों से अभद्रता, आक्सीजन न मिलने पर एक पुलिसकर्मी की मौत, ऑपरेशन के नाम पर अवैध वसूली, समय से चिकित्सकों का न पहुंचना, सॉफ्टवेयर क्रैश करने, मरीजों के इलाज में देरी और लापरवाही के आरोपों के लिए एक जांच समिति एडीएम की अध्यक्षता में गठित की गई है। फिलहाल, एटा का वीरांगना रानी अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज और उसके चिकित्सक की गुंडई, मरीज को काट देने की धमकी और स्टाफ व दलाल की चर्चा में है। अब देखना यह है कि शासन इस पर कितना संज्ञान लेता है और क्या कार्यवाही करता है या पूर्व की भांति खुला छोड़ देता है।

