समाधान दिवस: डीएम सख्त, हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण, मौके पर ही कई मामलों का समाधान (Photo- Newstrack)
Resolution day: DM strict, timely disposal of every complaint, resolution of multiple issues on the spotEtah News: एटा: जनपद एटा में आमजन की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन की सख्ती साफ नजर आई।
तीनों तहसीलों में आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। तहसील सदर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन की मौजूदगी ने इसे और अधिक प्रभावी बना दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
सख्त निर्देश: समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर जोर
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को मौके पर जाकर समाधान कराने के निर्देश दिए गए।
अलग-अलग तहसीलों में शिकायतों का निस्तारण
तहसील सदर में कुल 36 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 15 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष मामलों को शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। वहीं तहसील जलेसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद शाक्य की अध्यक्षता में 7 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 1 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील अलीगंज में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में 12 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2 का तत्काल समाधान हुआ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन ने पुलिस से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने थानाध्यक्षों को शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, परियोजना निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

