
Prayagraj Temple Collapse: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक तीन मंजिला मंदिर (Three-Storey Temple) का पिछला हिस्सा अचानक भरभराकर उसके पीछे खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसा बीती रात जार्जटाउन इलाके में स्थित स्वामीनारायण मंदिर (Swaminarayan Temple) में हुआ।
मंदिर का हिस्सा गिरते ही तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। आवाज सुनकर घरों और दुकानों में मौजूद लोग बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जुट गई।
गनीमत रही कि जिस वक्त मंदिर का पिछला हिस्सा गिरा, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। हादसे में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। हालांकि मंदिर के कई कमरे भरभराकर गड्ढे में जा गिरे।
खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरा हिस्सा
मिली जानकारी के मुताबिक, जार्जटाउन स्थित स्वामीनारायण मंदिर का तीन मंजिला पिछला हिस्सा अचानक ढह गया। मंदिर के ठीक पीछे अपार्टमेंट (Apartment) बनाने के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था। मंदिर का हिस्सा इसी गड्ढे में जा गिरा।
हादसा इतना अचानक हुआ कि तेज आवाज से आसपास के लोग घबरा गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि आवाज सुनकर ऐसा लगा जैसे भूकंप (Earthquake) आ गया हो। इसके बाद आसपास के घरों और दुकानों से लोग बाहर निकलकर मौके पर पहुंच गए।
कई दिनों से हो रही बारिश के बीच हुआ हादसा
प्रयागराज में पिछले कुछ दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश (Rain) हो रही है। बताया जा रहा है कि करीब 10 दिनों से शहर में बारिश का दौर जारी है। कई इलाकों में बारिश की वजह से जलजमाव भी हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के बगल में खोदा गया गड्ढा और लगातार हो रही बारिश हादसे की बड़ी वजह हो सकते हैं। बारिश के पानी के कारण गड्ढे की मिट्टी कमजोर हुई और मंदिर की नींव (Foundation) पर भी इसका असर पड़ा। इसके बाद मंदिर का पिछला हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे जा गिरा।
गड्ढे और बारिश को बताया वजह
स्थानीय निवासी हेमंत ने बताया कि मंदिर काफी पुराना था। मंदिर के बगल में अपार्टमेंट बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में पिछले करीब 10 दिनों से बारिश हो रही है और कई जगहों पर पानी भी भर गया था। हेमंत के मुताबिक, गड्ढे और बारिश के पानी की वजह से मंदिर की नींव कमजोर हो गई। इसी कारण अचानक मंदिर का हिस्सा ढह गया।
वहीं मंदिर के पास मौजूद स्थानीय गार्ड ने बताया कि मंदिर के बगल में अपार्टमेंट निर्माण का काम चल रहा था। बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से यह काम बंद था।
5-6 महीने से चल रहा था अपार्टमेंट का काम
जानकारी के अनुसार, मंदिर के बगल में करीब 5-6 महीने से अपार्टमेंट बनाने का काम चल रहा था। इसी निर्माण के लिए मंदिर के पास गहरा गड्ढा खोदा गया था। मंदिर की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने के बाद गड्ढे में मौजूद कीचड़ उछलकर आसपास खड़ी गाड़ियों पर जा गिरा। हादसे के बाद आसपास खड़ी गाड़ियों पर कीचड़ जमा हो गया। स्थानीय लोग अपनी गाड़ियों से कीचड़ साफ करते नजर आए।
पुलिस ने कहा- हादसे में कोई हताहत नहीं
जार्जटाउन थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस समय मंदिर का हिस्सा गिरा, उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था।
थाना प्रभारी के मुताबिक, मंदिर के पीछे गड्ढा काफी पहले खोदा गया था। आशंका है कि लगातार बारिश के दौरान मिट्टी के कटान (Soil Erosion) की वजह से मंदिर का पिछला हिस्सा ढह गया।
फिलहाल हादसे के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुटी हुई है। बारिश के बीच मंदिर के पीछे खोदे गए गहरे गड्ढे में तीन मंजिला हिस्से के गिरने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मंदिर के उस हिस्से में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
