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Firozabad News: फिरोजाबाद में स्मार्ट मीटर पर बवाल: महिलाओं का प्रदर्शन, AAP ने भी खोला मोर्चा

Firozabad News: फिरोजाबाद में स्मार्ट मीटर पर बवाल: महिलाओं का प्रदर्शन, AAP ने भी खोला मोर्चा

Newstrack 2 weeks ago

Firozabad News: जिले में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। आम जनता, खासकर महिलाएं, बढ़ते बिजली बिल और तकनीकी दिक्कतों से परेशान होकर सड़कों पर उतर आई हैं। रविवार को ककरऊ कोठी स्थित बिजली घर पर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में हंगामे की स्थिति बन गई।

ककरऊ कोठी बिजली घर पर महिलाओं का प्रदर्शन

गंगानगर, सुदामा नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं ककरऊ कोठी बिजली घर पहुंचीं और स्मार्ट मीटर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की वजह से बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं और आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

महिलाओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर "जी का जंजाल" बन चुका है और इससे राहत मिलने के बजाय समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने पोस्टपेड मीटर दोबारा लगाए जाएं। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस पहुंची और करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद महिलाओं को समझाकर शांत कराया गया।

AAP का भी उग्र प्रदर्शन, बिजली बिलों पर उठाए सवाल

इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी फिरोजाबाद में विरोध प्रदर्शन किया। मथुरा नगर क्षेत्र में जिलाध्यक्ष शीलेंद्र वर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने "स्मार्ट मीटर हटाओ, जनता को राहत दिलाओ", "बिजली विभाग होश में आओ" और "लूट बंद करो" जैसे नारे लगाए। AAP नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है, जिससे गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवार आर्थिक संकट में हैं।

जनता की मुख्य शिकायतें

स्मार्ट मीटर से अचानक बढ़े बिजली बिल

रीडिंग में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी

प्रीपेड सिस्टम से उपभोक्ताओं को असुविधा

गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव

फिरोजाबाद में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता विरोध अब जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। महिलाओं के प्रदर्शन और राजनीतिक दलों के सक्रिय विरोध से यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

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