Gonda News: गोंडा जिले के लोगों को जल्द ही 100 बेड के नए जिला अस्पताल की सौगात मिलने जा रही है। शासन ने अस्पताल भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से सात एकड़ से अधिक उपयुक्त भूमि का चयन कर विस्तृत प्रस्ताव मांगा है।
इससे जिले के मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी, साथ ही मेडिकल कॉलेज पर बढ़ रहे मरीजों के दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।
शासन ने सात एकड़ से अधिक भूमि का मांगा प्रस्ताव
दरअसल, बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किए जाने के बाद अलग जिला अस्पताल की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई थी। इसके बाद से जिले के लोग लंबे समय से नए जिला अस्पताल की मांग कर रहे थे।
अब शासन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए नए अस्पताल भवन के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, लखनऊ के अधीक्षण अभियंता रवि कुमार तथा महानिदेशक (चिकित्सा उपचार) की ओर से जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
भूमि चयन के बाद शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
शासन के निर्देशानुसार नए जिला अस्पताल के लिए सात एकड़ से अधिक उपयुक्त भूमि का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही साइट प्लान, खसरा, खतौनी और अन्य आवश्यक अभिलेख जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद शासन को भेजे जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से उपयुक्त स्थान की तलाश में जुट गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि शासन का पत्र प्राप्त हो चुका है और अस्पताल निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश की जा रही है। जल्द ही भूमि का चयन कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
मिलेंगी बेहतर सुविधाएं, हाईटेक होगी व्यवस्था
नया जिला अस्पताल बनने के बाद मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मरीजों के दबाव में कमी आएगी, जिससे दोनों संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।
वहीं, अस्पताल में तकनीक का प्रयोग कर मरीजों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ वातानुकूलित वेटिंग एरिया, डिजिटल डिस्प्ले, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर संग दिव्यांगों के लिए भी अतिरिक्त सुविधाएं रहेगीं।

