Hapur News :-शहर की बिजली व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मोदीनगर रोड स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पर लगे 10 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आने के कारण बिजली संकट बना रहा।
इस खराबी से जुड़े दो प्रमुख फीडरों की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई, जिससे लगभग ढाई हजार की आबादी को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को रातें जागकर बितानी पड़ीं, जबकि छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित रहे।
सोमवार शाम आई खराबी रातभर अंधेरे में डूबे इलाके
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे मोदीनगर रोड स्थित उपकेंद्र पर लगे 10 एमवीए ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। फाल्ट की सूचना मिलते ही ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी, उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता और तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।जांच के दौरान पता चला कि ट्रांसफार्मर के अंदर गंभीर तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गई है। सुरक्षा मानकों को देखते हुए उसे तत्काल दोबारा चालू करना जोखिम भरा था। ऐसे में अधिकारियों को ट्रांसफार्मर बदलने का निर्णय लेना पड़ा।
वैकल्पिक आपूर्ति का दावा, लेकिन उपभोक्ताओं को नहीं मिली राहत
ऊर्जा निगम ने प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने के लिए नजदीकी उपकेंद्रों से पोषित फीडरों के माध्यम से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया। हालांकि यह व्यवस्था ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।उपभोक्ताओं का आरोप है कि वैकल्पिक आपूर्ति भी बार-बार बाधित होती रही, जिसके कारण कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली नहीं पहुंची। कुछ क्षेत्रों में कुछ घंटों के लिए बिजली आई भी तो वोल्टेज इतना कम था कि घरेलू उपकरण तक नहीं चल सके। इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
ट्रांसफार्मर खराब होने का असर केवल मोदीनगर रोड क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। इसके चलते स्वर्ग आश्रम रोड, रामपुर रोड, दिल्ली रोड और उनसे जुड़े दर्जनों मोहल्लों एवं गांवों में भी बिजली व्यवस्था प्रभावित रही।स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ सप्ताह से बिजली कटौती और फाल्ट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आए दिन कभी तार टूटने, कभी ट्रांसफार्मर फुंकने और कभी तकनीकी खराबी के कारण घंटों बिजली गुल रहती है।
इनवर्टर भी हुए फेल, पानी का संकट गहराया
लगातार बिजली बाधित रहने से घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए। कई परिवारों को पूरी रात बिना पंखे और कूलर के बितानी पड़ी। गर्मी और उमस के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया।बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मोटर नहीं चल पाने के कारण कई घरों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया। लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ीं।स्थानीय निवासी बताते हैं कि बिजली संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई, दुकानों का कारोबार और घरेलू कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।
अधिकारियों पर फोन न उठाने का आरोप
बिजली संकट के दौरान उपभोक्ताओं का गुस्सा ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर भी फूटा। लोगों का आरोप है कि समस्या के दौरान कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किए गए।कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली घर पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
गर्मी में हांफ रहा बिजली तंत्र
लगातार बढ़ रहे तापमान और बिजली की रिकॉर्ड मांग के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है। हापुड़ में इस समय बिजली की खपत सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक चल रही है। ऐसे में पुराने और अधिक लोड वाले ट्रांसफार्मरों में फाल्ट की घटनाएं बढ़ रही हैं।शहर के कई उपभोक्ताओं का कहना है कि ऊर्जा निगम को समय रहते ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और पुराने उपकरणों को बदलने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि बार-बार होने वाले फाल्ट से राहत मिल सके।
बारिश से मिली राहत, कर्मचारियों ने तेज किया मरम्मत कार्य
मंगलवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादल छा गए। करीब एक घंटे हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।बारिश के बाद बिजली तंत्र पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव भी कुछ कम हुआ। वहीं ऊर्जा निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में फाल्ट दूर करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।
मुख्यालय से मंगाया गया नया ट्रांसफार्मर
ऊर्जा निगम ने खराब ट्रांसफार्मर की सूचना तत्काल मुख्यालय और संबंधित निर्माण कंपनी को भेजी। चूंकि ट्रांसफार्मर अभी वारंटी अवधि में था, इसलिए कंपनी की ओर से नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया गया।रात में ही नया ट्रांसफार्मर उपकेंद्र पहुंचा दिया गया और तकनीकी टीमों ने उसे स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया।
क्या बोले अधिशासी अभियंता?
अधिशासी अभियंता सचिन द्विवेदी ने बताया कि खराब हुआ ट्रांसफार्मर वारंटी अवधि में था। इसकी सूचना मुख्यालय और संबंधित कंपनी को भेजी गई थी, जिसके बाद नया ट्रांसफार्मर आवंटित कर दिया गया। रात में नया ट्रांसफार्मर उपकेंद्र पहुंच गया था। कर्मचारियों की टीम लगातार काम कर रही है और बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

