Hapur News: जनपद में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और सरकारी विद्यालयों में चल रही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी कविता मीना ने सोमवार को गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के कई प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूलों में पहुंचकर न केवल शिक्षकों की कार्यप्रणाली का आकलन किया, बल्कि बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षणिक क्षमता, पढ़ाई की गुणवत्ता और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली।जिलाधिकारी के अचानक विद्यालय पहुंचने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।
बच्चों से पूछे पढ़ाई से जुड़े सवाल
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना सीधे कक्षाओं में पहुंचीं और बच्चों से हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान तथा बेसिक साक्षरता से जुड़े प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों की कॉपियां और किताबें भी जांचीं तथा यह समझने का प्रयास किया कि विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर कितना प्रभावी है।जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाए और कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर की शिक्षा ही बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मिड-डे मील की गुणवत्ता परखी
विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था की भी जिलाधिकारी ने बारीकी से जांच की। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण किया, भोजन की गुणवत्ता देखी और मेन्यू के अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की जानकारी ली।इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत कर भोजन के स्वाद, गुणवत्ता और नियमितता के बारे में भी पूछा। साथ ही भोजन वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेयजल, शौचालय और फर्नीचर की जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की साफ-सफाई, कक्षा-कक्षों की स्थिति, बैठने की व्यवस्था तथा फर्नीचर की उपलब्धता की जांच की।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कमियां पाई जाएं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
निपुण भारत मिशन और स्कूल चलो अभियान की समीक्षा
जिलाधिकारी ने केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया। उन्होंने निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की सीखने की क्षमता, स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत नामांकन की स्थिति, यूनिफॉर्म, जूता-मोजा एवं अन्य सुविधाओं के वितरण की समीक्षा की।इसके अलावा कायाकल्प योजना के अंतर्गत विद्यालयों में कराए गए विकास कार्यों की भी जांच की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

