Hapur News :-बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी से हुई 16.92 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि जिस ड्राइवर पर व्यापारी ने वर्षों से भरोसा कर रखा था, वही पूरी लूटकांड का मास्टरमाइंड निकला।
सोमवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 16.50 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, दो अवैध तमंचे और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
अल्लीपुर अंडरपास के पास पुलिस-बदमाशों में मुठभेड़
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बाबूगढ़ थाना पुलिस सोमवार देर रात क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान अल्लीपुर अंडरपास के निकट एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने कार रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार बदमाश भागने लगे।पुलिस टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान रिजवान उर्फ नटू उर्फ मन्नू निवासी कांति नगर, दिल्ली के रूप में हुई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस ने उसके दो अन्य साथियों निहाल अहमद निवासी कांति नगर, दिल्ली और लक्ष्य निवासी गांधी नगर, दिल्ली को भी गिरफ्तार कर लिया।

कपड़ा व्यापारी को बनाया था निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि दिल्ली की राजगढ़ कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी रतनलाल जैन 31 मई को मुरादाबाद से करीब 16.92 लाख रुपये का कलेक्शन लेकर दिल्ली लौट रहे थे। उनके साथ उनका चालक लक्ष्य भी मौजूद था।चालक को व्यापारी के कारोबार, नकदी की मात्रा और यात्रा मार्ग की पूरी जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने पहले से अपने साथियों के साथ लूट की योजना बना ली।
रास्ते भर भेजता रहा लोकेशन
जांच में पता चला कि चालक लक्ष्य ने अपने दोनों साथियों रिजवान और निहाल को पहले ही पूरी योजना बता दी थी। वह सफर के दौरान लगातार मोबाइल फोन के जरिए व्यापारी की लाइव लोकेशन भेजता रहा।जैसे ही व्यापारी की कार बाबूगढ़ क्षेत्र में शिवा ढाबा के पास फ्लाईओवर के निकट पहुंची, आरोपियों ने कार को ओवरटेक कर रोक लिया। इसके बाद तमंचों के बल पर व्यापारी से नकदी से भरा बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए।

सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन ने खोला राज
घटना के बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने वारदात की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
जांच के दौरान चालक लक्ष्य की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस को पता चला कि वारदात से पहले और घटना के दौरान वह लगातार अपने साथियों के संपर्क में था। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क को खंगाला और आरोपियों तक पहुंच गई।
बरामद हुई लाखों की नकदी
पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 16.50 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त कार, दो तमंचे और चार कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।भरोसे का कत्ल: जिस ड्राइवर पर था विश्वास, उसी ने लूट ली मेहनत की कमाई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी जब अपनों का रूप धारण कर लें तो पहचानना मुश्किल हो जाता है। व्यापारी ने जिस चालक को अपनी सुरक्षा और लाखों रुपये की जिम्मेदारी सौंपी थी, उसी ने लालच में आकर अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रच डाली।फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। हापुड़ पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि महज दो दिन के भीतर न सिर्फ लूट का खुलासा हुआ बल्कि अधिकांश रकम भी बरामद कर ली गई।
बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास आया सामने
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कोई नए अपराधी नहीं हैं, बल्कि उनके खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी निहाल अहमद पर हत्या के प्रयास, लूट, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं घायल बदमाश रिजवान उर्फ मन्नू पर भी लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों का आपराधिक नेटवर्क दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ है। इनके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि इनके अन्य साथियों और पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा सके।

