Hardoi News: उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति के तहत हरदोई जिले में चकबंदी विभाग के एक कर्मचारी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। सवायजपुर क्षेत्र के ग्राम नारायणपुर में भूमि की पैमाइश और कब्जा दिलाने के एवज में अवैध धनराशि लेने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद चकबंदी कर्ता महेश बाबू के खिलाफ अरवल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
यह कार्रवाई सहायक चकबंदी अधिकारी पंकज कुमार साहू की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की गई।
बताया गया कि महेश बाबू पर आरोप है कि उन्होंने जमीन की पैमाइश कराने और संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से अवैध रूप से रुपये लिए। शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने विस्तृत जांच कराई।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, हरदोई के निर्देश पर हुई जांच की रिपोर्ट 30 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत की गई। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों, साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मामले को जिला उपसंचालक चकबंदी के समक्ष रखा गया।
दोषी कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए
जिला उपसंचालक ने जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद दोषी कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इसके क्रम में 25 जून 2026 को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय की ओर से महेश बाबू के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया गया। इसके बाद 27 जून को चकबंदी अधिकारी, सवायजपुर ने संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।
निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे सहायक चकबंदी अधिकारी पंकज कुमार साहू ने अरवल थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विभागीय जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों को केस डायरी का हिस्सा बनाते हुए मामले की विवेचना शुरू कर दी है।इस कार्रवाई को शासन की भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद चकबंदी विभाग के कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश गया है।

