
Iran Strait of Hormuz update: पश्चिम एशिया की जंग में एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया की सांसें थाम दी हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को '48 घंटे' का आखिरी अल्टीमेटम देकर तबाही की चेतावनी दी है, तो दूसरी तरफ ईरान ने अपनी सख्त रणनीति में अचानक नरमी के संकेत दिए हैं।
ईरान ने घोषणा की है कि दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन यानी 'होर्मुज स्ट्रेट' अब पूरी तरह बंद नहीं रहेगी। हालांकि, यह राहत सबके लिए नहीं है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने दोस्तों के लिए पलकें बिछाएगा, लेकिन दुश्मनों के लिए समंदर का यह रास्ता 'मौत का जाल' बना रहेगा।
इराक और भारत को बड़ी राहत
ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघारी ने एक भावुक बयान जारी करते हुए कहा कि इराक के लोगों ने इस मुश्किल वक्त में ईरान का साथ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई पाबंदियां इराक पर लागू नहीं होंगी। इसके साथ ही भारत के लिए भी तेहरान से बड़ी खुशखबरी आई है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने पुष्टि की है कि भारतीय जहाजों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि मित्र देशों, खासकर भारत के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और केस-बाय-केस आधार पर जहाजों को रास्ता दिया जा रहा है।
दुश्मन देशों के लिए नो-एंट्री
ईरान ने अपना रुख कड़ा रखते हुए कहा है कि होर्मुज का रास्ता केवल उन 'शत्रु राष्ट्रों' के लिए बंद है जो सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं। जोल्फाघारी ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ईरान के स्कूलों, अस्पतालों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी साफ किया कि गैर-शत्रु देशों के जहाज ईरानी जलक्षेत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले से ईरानी सेना के साथ तालमेल (Coordination) करना अनिवार्य होगा।
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
ईरान की इस नरमी के पीछे डोनाल्ड ट्रंप का वो खौफनाक संदेश माना जा रहा है, जो उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साझा किया है। ट्रंप ने बिना लाग-लपेट के कहा, "समय तेजी से खत्म हो रहा है। अगर अगले 48 घंटों के भीतर कोई समझौता नहीं हुआ या होर्मुज पूरी तरह नहीं खुला, तो परिणाम बेहद गंभीर होंगे।" ट्रंप की इस चेतावनी ने युद्ध की आग में घी डालने का काम किया है। बताया जा रहा है कि ईरान के एक परमाणु ठिकाने के पास हुए हालिया हमले के बाद वहां के नागरिक इलाकों को खाली कराया जा रहा है, जिससे बड़े हमले की आशंका और बढ़ गई है।
वैश्विक बाजार पर असर
पिछले एक महीने से जारी इस युद्ध ने वैश्विक तेल और गैस बाजार की कमर तोड़ दी है। दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। ईरान ने हाल ही में बहरीन के पास एक इजरायली वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाकर अपनी ताकत का अहसास कराया है। अब जबकि ईरान ने भारत और इराक जैसे सहयोगियों के लिए रास्ता खोलने की बात कही है, तो बाजार को थोड़ी राहत जरूर मिली है। लेकिन ट्रंप की 'डेडलाइन' सिर पर है। आने वाले 48 घंटे तय करेंगे कि पश्चिम एशिया शांति की ओर बढ़ेगा या फिर एक ऐसी महाजंग शुरू होगी जिसे रोकना किसी के वश में नहीं होगा।
