
Trump on Hormuz crisis 2026: अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण महाजंग के दूसरे महीने में प्रवेश करते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी दुनिया के तेल बाजार में भूचाल ला दिया है।
ट्रंप ने सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दुनिया के लिए एक संभावित 'तेल का फव्वारा' करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर शुक्रवार को एक विस्फोटक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि बहुत जल्द अमेरिका इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेगा। ट्रंप के इस एलान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब केवल युद्ध नहीं लड़ रहा, बल्कि वह खाड़ी के तेल खजाने पर कब्जे की तैयारी में है।
होर्मुज की 'चाबी' और ट्रंप का मास्टरप्लान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, "बस कुछ समय और... हम आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल सकते हैं, वहां से तेल निकाल सकते हैं और जबरदस्त कमाई कर सकते हैं।" ट्रंप का यह बयान सीधे तौर पर ईरान की दुखती रग पर हाथ रखने जैसा है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है, जहाँ फिलहाल ईरान का दबदबा माना जाता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि इस रास्ते को ईरानी प्रभाव से मुक्त करा लिया गया, तो न केवल वैश्विक तेल की कीमतें कम होंगी, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा होगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ाने की एक सोची-समझी रणनीति है।
ईरान का पलटवार: 'हमारे पुलों को छुआ तो मचेगा विनाश'
ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने भी अपनी तेवर कड़े कर लिए हैं। ईरान की 'खातम अल-अनबिया' सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने शुक्रवार को एक खौफनाक चेतावनी जारी की। उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल ने ईरान के पुलों, बिजली संयंत्रों या किसी भी ऊर्जा सुविधा को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो इसका अंजाम बेहद विनाशकारी होगा। ईरान ने धमकी दी है कि वह न केवल इजरायल, बल्कि उन सभी पड़ोसी देशों के अमेरिकी सैन्य अड्डों को राख में तब्दील कर देगा जो अमेरिका की मेजबानी कर रहे हैं। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि सुरक्षित रहना है तो अमेरिकी फौज को अपने घर से निकाल बाहर करो।
दूसरे महीने में प्रवेश करती जंग और अनिश्चितता का साया
भले ही ट्रंप प्रशासन दावा कर रहा है कि यह युद्ध कुछ ही हफ्तों में खत्म हो जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। युद्ध अब अपने दूसरे महीने में पहुंच चुका है और दोनों पक्षों की ओर से हमलों की तीव्रता बढ़ती जा रही है। ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खोलने का दावा आग में घी डालने जैसा काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज के जलक्षेत्र में कोई बड़ा सैन्य टकराव होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर सकती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा
डोनाल्ड ट्रंप के इस एलान ने दुनिया भर के देशों को चिंता में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ ट्रंप इसे 'कमाई का जरिया' बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध के फैलने का खतरा बढ़ गया है। यदि ईरान अपनी धमकी के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करता है, तो खाड़ी के अन्य देशों के तेल कुएं भी निशाने पर आ सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप वाकई होर्मुज को 'खोलने' का अपना वादा पूरा कर पाएंगे या फिर यह बयान मिडिल ईस्ट में एक और बड़े महाविनाश की शुरुआत साबित होगा।
