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Kanpur News: रामगंगा नहर में बहा 100 साल पुराना बरईगढ़ पुल, उठे सवाल

Kanpur News: रामगंगा नहर में बहा 100 साल पुराना बरईगढ़ पुल, उठे सवाल

Newstrack 6 days ago

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के साढ़-बकेवर मार्ग पर स्थित बरईगढ़ पुल रामगंगा नहर के तेज बहाव में बह गया। ब्रिटिश काल में बना करीब 100 वर्ष पुराना यह पुल भीतरगांव ब्लॉक के सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग था।

पुल के ढहने से बकेवर, मुसाफा और कुड़नी क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया है। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, उस समय पुल पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था। यदि दिन के समय यह घटना होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बरईगढ़ पुल लंबे समय से ग्रामीणों के लिए लाइफलाइन बना हुआ था। रोजाना सैकड़ों लोग इसी रास्ते से आवागमन करते थे। पुल टूटने के बाद इलाके में लोगों को कई किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

नए टू-लेन पुल के निर्माण कार्य पर उठे सवाल

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने हादसे के लिए पास में चल रहे नए टू-लेन पुल के निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। बताया जा रहा है कि नए पुल की छत की ढलाई पूरी हो चुकी थी। इसके सपोर्ट के लिए नहर के भीतर लोहे की भारी और घनी पाइप शटरिंग लगाई गई थी। इसी शटरिंग के कारण नहर के पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित हो गया।

पानी का दबाव एक ही हिस्से में सिमटने लगा, जिससे पुराने पुल की नींव और ढांचा कमजोर पड़ गया। तेज बहाव और बढ़ते दबाव को पुल सहन नहीं कर सका और देर रात अचानक नहर में समा गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी जांच की जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस ने की बैरिकेडिंग, आवागमन पूरी तरह बंद

वहीं इस हादसे की सूचना मिलते ही साढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने नहर के दोनों ओर ईंटों की बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद करा दिया। पुल टूटने के बाद इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। फिलहाल प्रशासन द्वारा किसी वैकल्पिक रूट की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।वही ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था और हादसे की जांच की मांग की है। वहीं अधिकारी पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की बात कह रहे हैं।

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