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कौन पुरुष, कौन महिला...AC फटा और श्मशान बनी इमारत! दिल्ली अग्निकांड में लगा शवों का अंबार, चश्मदीदों की आपबीती सुन खड़े हुए रोंगटे

कौन पुरुष, कौन महिला...AC फटा और श्मशान बनी इमारत! दिल्ली अग्निकांड में लगा शवों का अंबार, चश्मदीदों की आपबीती सुन खड़े हुए रोंगटे

Newstrack 2 weeks ago

Delhi Vivek Vihar fire tragedy: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर भीषण अग्निकांड से दहल उठी है। शाहदरा जिले के विवेक विहार फेज-1 इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला मकान में लगी आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका मातम में डूब गया।

यह आग इतनी भयावह थी कि इसने चंद मिनटों में पूरी इमारत को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। आग की लपटें इतनी क्रूर थीं कि अंदर फंसे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आलम यह है कि बरामद हुए शवों की हालत देखकर पत्थर दिल इंसान की भी रूह कांप जाए।

पहचान मिटा देने वाली आग: अब DNA टेस्ट ही आखिरी रास्ता

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मरने वालों की शिनाख्त कर पाना अब नामुमकिन सा हो गया है। स्थानीय पार्षद पंकज लूथरा ने मौके का आंखों देखा हाल सुनाते हुए बताया कि शव इस कदर जल चुके हैं कि यह पहचानना भी मुश्किल है कि वह किसी पुरुष का शरीर है या महिला का। उन्होंने बताया कि दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से से पांच और सबसे ऊपरी मंजिल से तीन शव बरामद किए गए हैं। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन बेगुनाह मृतकों की पहचान करना है। इसके लिए अब सभी शवों का DNA टेस्ट कराया जाएगा, ताकि उनके परिजनों को सही जानकारी दी जा सके।

सोए हुए लोगों को नहीं मिला भागने का मौका

इलाके के निवासी रोहित ने बताया कि यह सब कुछ पलक झपकते ही हो गया। उनके मुताबिक, तड़के सुबह अचानक एयर कंडीशनर (AC) में एक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा मोहल्ला जाग गया, लेकिन जब तक लोग कुछ समझ पाते, AC ब्लास्ट के बाद निकली आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। हादसे के वक्त ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। आग की भीषण गर्मी और धुएं के गुबार ने भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए, जिससे अंदर फंसे लोग मौत के आगोश में समा गए।

बचाव कार्य और पड़ोसियों की हिम्मत: खिड़कियां तोड़कर बचाई गई जान

हादसे के वक्त मौके पर मौजूद चरणजीत सिंह ने बताया कि इमारत के पिछले हिस्से में मौजूद कुछ लोग खुशकिस्मत रहे कि वे समय रहते बाहर निकल आए। लेकिन बीच के कमरों में फंसे परिवारों और मासूम बच्चों के लिए यह आग काल बन गई। दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव कर्मियों ने लोहे की खिड़कियां और ग्रिल काटकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन तब तक 9 जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं।

प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई

शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने पुष्टि की है कि मलबे की तलाशी के दौरान एक-एक करके 9 शव निकाले जा चुके हैं। पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है। शुरुआती तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट और AC ब्लास्ट बताया जा रहा है, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। क्या इस हादसे के पीछे किसी की लापरवाही थी? क्या इमारत में सुरक्षा के इंतजामों की अनदेखी की गई थी? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे। फिलहाल, विवेक विहार की गलियों में सन्नाटा है और हर तरफ बस उस खौफनाक मंजर की चर्चा है जिसने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।

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