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केरल में BJP की बल्ले बल्ले! टुडेज चाणक्य के Exit Poll में प्रचंड जीत, दक्षिण में भगवा लहर की आहट

केरल में BJP की बल्ले बल्ले! टुडेज चाणक्य के Exit Poll में प्रचंड जीत, दक्षिण में भगवा लहर की आहट

Newstrack 1 week ago

Today's Chanakya Kerala exit poll 2026: केरल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का शोर थम चुका है और अब हर किसी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। दक्षिण भारत का यह राज्य पारंपरिक रूप से 'लाल' (एलडीएफ) और 'नीले' (यूडीएफ) के बीच की जंग के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार एग्जिट पोल्स ने जो तस्वीर पेश की है, उसने राजनीतिक पंडितों की नींद उड़ा दी है।

सबसे ज्यादा चौंकाने वाला अनुमान 'टुडेज चाणक्य' ने लगाया है, जहां भारतीय जनता पार्टी न केवल अपना खाता खोलती दिख रही है, बल्कि वह पहली बार राज्य में 'किंगमेकर' की भूमिका की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

टुडेज चाणक्य का अनुमान: BJP की लंबी छलांग

केरल में भाजपा की उपस्थिति अब तक न के बराबर रही है, लेकिन टुडेज चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा गठबंधन इस बार 7 सीटें जीत सकता है। इसमें प्लस-माइनस 4 सीटों की गुंजाइश रखी गई है, यानी भाजपा 3 से लेकर 11 सीटों तक जीत हासिल कर सकती है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केरल जैसे राज्य में जहां भाजपा संघर्ष करती रही है, वहां 20 फीसदी वोट शेयर हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। टुडेज चाणक्य के मुताबिक, यूडीएफ को 40 फीसदी और एलडीएफ को 38 फीसदी वोट मिल सकते हैं। यह 20 फीसदी का 'भगवा' वोट बैंक ही राज्य के भविष्य का फैसला करेगा।

UDF और LDF के बीच कांटे की टक्कर

टुडेज चाणक्य ने केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) की सरकार बनने की संभावना जताई है, लेकिन यह मुकाबला बेहद नजदीकी है। यूडीएफ को 69 प्लस-माइनस 9 सीटें दी गई हैं, जबकि सत्ताधारी एलडीएफ (LDF) 64 प्लस-माइनस 9 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रह सकता है। दोनों गठबंधनों के बीच सीटों का बहुत कम अंतर यह बताता है कि केरल में इस बार 'अंडरकरंट' है। जहां अन्य पोल्स कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत दे रहे हैं, वहीं चाणक्य का यह सर्वे एक ऐसी त्रिशंकु विधानसभा की ओर भी इशारा कर रहा है जहां बीजेपी की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

अन्य Exit Poll की अलग-अलग राय

केरल की सत्ता को लेकर अन्य सर्वे एजेंसियों के आंकड़े थोड़े अलग हैं। 'एक्सिस माय इंडिया' ने यूडीएफ को 78-90 सीटों के साथ बड़ी जीत का अनुमान दिया है और एलडीएफ को 49-62 सीटों पर समेटा है। 'पीपुल्स पल्स' और 'वोट वाइब' जैसे सर्वे भी यूडीएफ को बहुमत के पार देख रहे हैं। हालांकि, 'पीपुल्स इनसाइट' का सर्वे भाजपा के लिए और भी ज्यादा उत्साहजनक है, जिसने भाजपा गठबंधन को 10-14 सीटें मिलने की भविष्यवाणी की है। इन सभी आंकड़ों के बीच एक बात साफ है कि केरल की जनता ने इस बार किसी एक दल को एकतरफा प्यार नहीं दिया है।

4 मई को होगा असली फैसला

टुडेज चाणक्य का 'गुप्त ज्ञान' अगर हकीकत में बदलता है, तो यह दक्षिण भारत की राजनीति में भाजपा का सबसे बड़ा उदय होगा। केरल के इतिहास में 4 मई का दिन निर्णायक साबित होने वाला है। क्या कांग्रेस अपनी पुरानी जमीन वापस पाने में सफल होगी, या पिनाराई विजयन का 'लाल किला' बरकरार रहेगा? और सबसे बड़ा सवाल क्या भाजपा केरल की द्विदलीय राजनीति को ध्वस्त कर तीसरे विकल्प के रूप में उभरेगी? फिलहाल सबकी धड़कनें बढ़ी हुई हैं और काउंटडाउन शुरू हो चुका है।

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