Delhi Dwarka Pond Accident: राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने पूरी दिल्ली को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार की सुबह जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी द्वारका सेक्टर 24 स्थित गोल्फ कोर्स परिसर से एक रूह कंपा देने वाली सूचना मिली।
यहाँ के एक गहरे तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की एक साथ मौत हो गई। यह खबर जैसे ही जंगल की आग की तरह फैली, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि खेल-कूद की उम्र वाले ये बच्चे मौत के इस जाल में इस तरह फंस जाएंगे कि फिर कभी वापस नहीं लौटेंगे।
सुबह-सुबह मिली मौत की खबर और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई जब सेक्टर 23 पुलिस स्टेशन को करीब 7 बजकर 7 मिनट पर एक पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाले ने घबराते हुए तालाब में बच्चों के डूबने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट कर दिया गया। जब पुलिस और बचाव दल गोल्फ कोर्स के अंदर पहुंचे, तो नजारा बेहद खौफनाक था। फायर डिपार्टमेंट की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद तालाब से एक-एक कर तीन बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि तीनों बच्चों की उम्र महज 8 से 10 साल के बीच थी।
तालाब किनारे मिले कपड़े बयां कर रहे हैं हादसे की कहानी
पुलिस को जांच के दौरान तालाब के बिल्कुल किनारे बच्चों के कपड़े पड़े हुए मिले। कपड़ों की हालत और उनकी स्थिति को देखकर पुलिस का शुरुआती अंदाजा यही है कि ये बच्चे शायद गर्मी से राहत पाने या फिर मस्ती के मूड में तालाब में नहाने के लिए उतरे होंगे। उन्हें अंदाजा नहीं रहा होगा कि गोल्फ कोर्स के इस शांत दिखने वाले तालाब की गहराई उनकी जान ले लेगी। मासूमों के कपड़े वहीं पड़े रह गए, लेकिन वे खुद मौत की आगोश में समा गए। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि बच्चों को आखिरी बार किसके साथ और कब देखा गया था।
शिनाख्त की कोशिशें तेज और फॉरेंसिक जांच जारी
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि अभी तक इन मृत बच्चों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने इलाके में दर्ज सभी लापता बच्चों की शिकायतों को खंगाला है, लेकिन अभी तक किसी भी फाइल से इन बच्चों का मिलान नहीं हुआ है। पुलिस की टीमें अब आसपास की झुग्गी-झोपड़ियों और कॉलोनियों में जाकर बच्चों की शिनाख्त और उनके माता-पिता का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि हर छोटे-से-छोटे सबूत को इकट्ठा किया जा सके। पुलिस हर उस पहलू की तहकीकात कर रही है कि आखिर ये बच्चे इतनी सुबह गोल्फ कोर्स के प्रतिबंधित परिसर में दाखिल कैसे हुए और सुरक्षा में कहां चूक हुई।

