
Jhansi News: मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल परिचालन के दौरान सतर्कता, सजगता एवं कर्तव्यनिष्ठा से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सम्मानित कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सुरक्षा प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कर्मचारियों द्वारा रेल परिचालन को सुरक्षित बनाए रखने, ड्यूटी के दौरान असाधारण सतर्कता बरतने तथा गाड़ी संचालन के दौरान पाई गई अनियमितताओं पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई करने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि रेल संचालन में सुरक्षा सर्वोपरि है और कर्मचारियों की सतर्कता एवं सजगता ही सुरक्षित रेल परिचालन की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने सभी रेलकर्मियों से इसी प्रकार पूरी निष्ठा, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इन कर्मियों को किया सम्मानित
सम्मानित कर्मचारियों में राम प्रकाश यादव उप. स्टेशन प्रबंधक/बाँदा, अतुल तिवारी उप. स्टेशन प्रबंधक/पिरौना, हस्ती राम मीना उप. स्टेशन प्रबंधक/दतिया, रामबाबू वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर/बाँदा, शिव चरण वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर/ग्वालियर, प्रदीप कुमार तिवारी वरिष्ठ गुड्स ट्रेन मैनेजर/बाँदा, रौशन कुमार पॉइंट्स मेन (ए)/बसई, मिथिलेश कुमार सिंह पॉइंट्स (ए)/ चित्रकूट धाम कर्वी, गौरव झा पॉइंट्स मेन (ए)/खजराहा, गौरव सिंह पॉइंट्स मेन (ए)/ शिवरामपुर, नसीम मुहम्मद पॉइंट्स मेन (ए)/कालपी, अमित कुमार पॉइंट्स मेन (ए)/ कोटरा, शैलेन्द्र मीना पॉइंट्स मेन (बी)/संदलपुर शामिल रहे है। मंडल रेल प्रशासन द्वारा ऐसे कर्मचारियों के सतर्क एवं अनुकरणीय कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए सुरक्षा पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, ताकि सुरक्षित, सुचारु एवं निर्बाध रेल परिचालन के प्रति कर्मचारियों में सजगता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया जा सके।
झांसी रेल मंडल से तीस रेलकर्मी सेवानिवृत्त, एनईएफटी के माध्यम से 10.18 करोड़ का किया गया भुगतान
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल से विभिन्न विभागों के तीस रेल कर्मचारी अपनी दीर्घ एवं समर्पित सेवाओं के उपरांत सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर मंडल कार्यालय में आयोजित विदाई समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाओं के साथ भावभीनी विदाई दी गई।सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभों का कुल 10 करोड़ 18 लाख का भुगतान एनईएफटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया गया। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को उनके भुगतान विवरण, सेवा प्रमाण पत्र तथा पीपीओ भी प्रदान किए गए, जिससे उन्हें पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके द्वारा रेलवे की प्रगति एवं यात्रियों की सेवा में दिए गए अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेल कर्मचारियों की निष्ठा, कर्तव्यपरायणता एवं समर्पण ही भारतीय रेल की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुखद, समृद्ध एवं सक्रिय जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं। समारोह में वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार शर्मा तथा सहायक मंडल वित्त प्रबंधक रवि कुमार सविता भी उपस्थित रहे।
पाक्सो एक्ट में अभियुक्त को पांच साल का कारावास, दस हजार जुर्माना
झांसी। स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) ने एक बच्ची के साथ अश्लील हरकत करने व पॉक्सो एक्ट में दोषी मानते हुए अभियुक्त को पांच साल का कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया है कि मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देते हुए बताया था कि 4 नवंबर 2020 उसकी लड़की मोहल्ले में स्थित एक दुकान पर गई थी तो उसने मेंहदी कोन न देकर के दुकानदार ने बच्ची को अंदर खींच लिया और उसके साथ खींचा तानी करने लगा जिससे उसकी बच्ची के हाथों में नाखून के निशान आ गए। उसकी बच्ची के साथ अश्लील हरकत की। विपक्षी ने बार-बार धमकी दे रहा है कि मकान बेचकर चले जाएंगे। पुलिस ने मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप स्कूल के पास नईबस्ती मोहल्ले में रहने वाले हरिओम तिवारी के खिलाफ 354, 9/10 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ दिनों बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि दफा 354 में अभियुक्त हरिओम तिवारी को दोषी माना है। इस आधार पर अभियुक्त को पांच साल के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा। इसी तरह 9/10 पॉक्सो एक्ट के अपराध के लिए पांच साल के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।
