Kushinagar News: जनपद के रामकोला क्षेत्र के ग्राम सभा रामपुर बगहा स्थित कुटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए गौ रक्षा को लेकर व्यापक जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने अपनी पांच सूत्रीय 'गविष्ठि यात्रा' के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में गौ हत्या और गौ मांस के निर्यात में बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है।
गौ रक्षा के लिए जनजागरण पर जोर
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि देश में हिंदुओं की संख्या अधिक होने के बावजूद आजादी के 78 वर्षों बाद भी गौ रक्षा के लिए कठोर कानून लागू नहीं हो सका है। उन्होंने आम जनता से जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में गौ रक्षा को प्राथमिकता देने वाली सरकार को ही चुनना चाहिए।उन्होंने 'गोत्र' शब्द की व्याख्या करते हुए बताया कि 'गो' का अर्थ गाय और 'त्र' का अर्थ रक्षा करने वाला होता है। इस प्रकार सच्चा हिंदू वही है जो गौ रक्षा के लिए समर्पित हो। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान ने भी गौ रक्षा के लिए अवतार लिया था, लेकिन वर्तमान समाज में इस विषय को लेकर अपेक्षित जागरूकता नहीं दिखती।
पांच सूत्रीय मांगों का रखा प्रस्ताव
शंकराचार्य ने अपनी पांच प्रमुख मांगों में गौ माता को 'राज्यमाता' का दर्जा देने, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक गौधाम स्थापित करने, हिंदुओं को 'गौ मतदाता' बनने के लिए प्रेरित करने, हर गांव में पांच 'गौ वीर' नियुक्त करने तथा गौशालाओं और बूचड़खानों का सर्वे कराने की बात रखी।उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि इस बार मतदान गौ माता की रक्षा के मुद्दे पर किया जाए। साथ ही उन्होंने 'रामा गौ धाम' की स्थापना के लिए एक व्यक्ति से एक रुपये के सहयोग की अपील की और इसके लिए राजेश्वर ओझा को प्रतिनिधि नामित किया।इस अवसर पर राजस्व टीम के प्रद्युम्न राव, सुरेंद्र प्रजापति, ब्लाक प्रमुख दिग्विजय सिंह लक्ष्मण, विजय यादव, निठुरी राजभर, सोनू सिंह, ज्ञानचंद कुशवाहा, अशोक पांडेय, राजन सिंह, कामेश्वर ओझा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

