Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बीते दिनोॉ उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहे।
उनके दौरे के चलते प्रदेश की राजनीतिक हलचलें भी बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी अपने पीडीए फॉर्मूले के सहारे 2027 का विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी में लगी हुई है। हालांकि पार्टी की नीतियों और परिवारवादी राजनीति को लेकर यादव समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है।
लखनऊ में यादव समाज ने किया भव्य स्वागत
चुनावी तैयारियों पर मंथन के लिए लखनऊ पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का यादव समाज ने जोरदार स्वागत किया। यादव समाज लखनऊ महानगर की ओर से उन पर फूलों की वर्षा की गई। इस दौरान यादव समाज के नेता राम कृष्ण यादव ने कहा कि यादव समाज पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी समर्थन का परिणाम रहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2014, 2017 और 2019 के चुनावों में जीत हासिल की, जबकि 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में भी भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाएगी।
सपा की परिवारवादी राजनीति पर साधा निशाना
राम कृष्ण यादव ने समाजवादी पार्टी की परिवारवादी राजनीति को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए दरअसल "परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी" है। उन्होंने कहा कि यादव समाज अब इस फॉर्मूले को अच्छी तरह समझ चुका है। उनका कहना था कि यहां यादव समाज नहीं, बल्कि अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव का परिवार ही प्राथमिकता में है।
भाजपा में यादव समाज को सम्मान मिलने का दावा
राम कृष्ण यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी में यादवों के लिए जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां उनकी पत्नी सांसद डिंपल यादव, खुद सांसद हैं और चाचा विधायक हैं। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी ने यादव समाज को सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में यादव समाज के नेताओं को छह मंत्री पद दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश संगठन में भी उपाध्यक्ष के पद पर यादव समाज को जिम्मेदारी देकर सम्मान दिया गया है।

