Chandauli News: चन्दौली के थाना मुगलसराय पुलिस, साइबर सेल एवं सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में महिलाओं को नौकरी व मकान दिलाने के नाम पर बुलाकर बंधक बनाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाने, ब्लैकमेलिंग और धन उगाही करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया है।
पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, थाना मुगलसराय में 27 अगस्त को दो पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित मकान में ले जाकर करीब दो दिन बंधक बनाया गया। आरोपियों ने मारपीट कर अश्लील वीडियो बनाया और वायरल करने की धमकी देकर परिजनों से करीब 30 हजार रुपये तथा फोन-पे के माध्यम से लगभग 75 हजार रुपये जबरन ट्रांसफर कराए। दूसरी पीड़िता के मुताबिक, 16 अगस्त को मकान दिखाने के बहाने उसे बुलाकर बंधक बनाया गया, अश्लील वीडियो बनाया गया और पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। उसके खाते से फोन-पे के जरिए 1.14 लाख रुपये भी ट्रांसफर कराए गए। विरोध करने पर मारपीट की गई। वह किसी तरह छत के रास्ते भागकर बच सकीं।
विवेचना में सामने आया कि विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी गिरोह का मुख्य आरोपी है। पुलिस के मुताबिक, वह पूर्व में ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा संचालित करता था। वर्ष 2023 में कथित धोखाधड़ी के बाद उसने साथियों के साथ मिलकर एस्कॉर्ट महिलाओं को निशाना बनाने की योजना बनाई। गिरोह महिलाओं को बुलाकर फर्जी पुलिस टीम बनकर डराता और उनके अश्लील वीडियो बनाकर धन उगाही करता था।28 अगस्त को डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान पर दबिश देकर विजय कुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। अंजली गुप्ता खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़िताओं को डराने-धमकाने तथा फर्जी दस्तावेजों व बैंक खातों के जरिए धन के लेनदेन में शामिल बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 08 मोबाइल फोन, ₹72,300 नकद, 09 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड समेत विभिन्न पहचान पत्र, बैंक पासबुक-चेकबुक, पोर्टेबल वाई-फाई डिवाइस, टॉर्चर किट, एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है। मुकदमों में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस संबंध में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि इन अपराधियों के और भी नेटवर्क को खंगाला जा रहा है ताकि उनके गुनाहों का पर्दाफाश किया जा सके और नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

