West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म होते ही सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। इस बार बंगाल की जनता ने वोटिंग के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
आजादी के बाद पहली बार दूसरे चरण में 91.66 फीसदी की ऐतिहासिक वोटिंग दर्ज की गई है। इतनी भारी वोटिंग ने न केवल राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है, बल्कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच दावों की जंग भी तेज कर दी है। इस बीच पूर्व राज्यसभा सांसद मोहम्मद अदीब ने बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी कर दी है, जिसने दिल्ली तक खलबली मचा दी है। अदीब का मानना है कि इस बंपर वोटिंग का मतलब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के लिए एक ऐसे झटके की शुरुआत है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।
ममता बनर्जी के 200 पार जाने का दावा
मोहम्मद अदीब ने साफ तौर पर कहा है कि इस चुनाव में ममता बनर्जी की जोरदार वापसी होने वाली है। उनके मुताबिक, ममता बनर्जी 200 सीटों का आंकड़ा पार कर सकती हैं। भले ही जीत का अंतर बहुत ज्यादा न हो, लेकिन ममता बनर्जी सरकार बनाने में कामयाब रहेंगी। पूर्व सांसद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह पीएम मोदी और अमित शाह के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका होगा। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी तीखे प्रहार किए और आरोप लगाया कि अब जनता नहीं, बल्कि चुनाव आयोग तय कर रहा है कि कौन जीतेगा। उनके अनुसार, 4 मई की तारीख देश की राजनीति के लिए निर्णायक होगी, जहां या तो पीएम मोदी की विदाई का आगाज होगा या फिर देश से लोकतंत्र खत्म हो जाएगा।
चुनाव आयोग को बताया 'मोदी कमीशन'
पूर्व सांसद ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग को 'मोदी कमीशन' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के सदस्य अमित शाह और मोदी के इशारों पर काम कर रहे हैं। अदीब का कहना है कि चुनाव के लिए जो पर्यवेक्षक तैनात किए गए, वे बीजेपी शासित राज्यों के खास और विवादित अधिकारी थे, जिनका काम विपक्षी कार्यकर्ताओं में दहशत पैदा करना था। उन्होंने यह भी कहा कि देश में एक खास समुदाय को निशाना बनाकर चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है। अदीब के मुताबिक, अगर इतनी धांधली और दबाव के बावजूद बीजेपी बंगाल में सरकार नहीं बना पाती है, तो यह 2024 के झटके से भी कहीं ज्यादा दर्दनाक होगा।
मुस्लिम वोटों को तोड़ने की साजिश और लोकतंत्र का मजाक
मोहम्मद अदीब ने बंगाल की बंपर वोटिंग के पीछे का एक बड़ा कारण 'एसआईआर' (SIR) का डर भी बताया। उनके अनुसार, बंगाल के लोगों को डर था कि अगर उन्होंने वोट नहीं दिया तो उनका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। इसी डर और जागरूकता ने वोटिंग प्रतिशत को 91 फीसदी तक पहुँचा दिया। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली बार की 77 सीटें भी इस बार कम हो जाएंगी और अगर बीजेपी जीतती है तो वह किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। अदीब ने हुमायूं कबीर का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम वोटों को बांटने की कोशिश की गई, लेकिन चुनाव आयोग ने विवादित वीडियो पर कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने अंत में कहा कि लोकतंत्र का मजाक अब अपनी आखिरी सीमा पर पहुंच चुका है।

