बेटी की शादी अब नहीं बनेगी बोझ, मेरठ की 198 बेटियों को मिलेगा सरकार का साथ (Photo- Social Media)
Daughter's marriage will no longer be a burden, 198 daughters-in-law of MeerutMeerut News: बेटी की शादी की तैयारियां शुरू होते ही गरीब परिवारों की सबसे बड़ी चिंता खर्च का इंतजाम होती है।
ऐसे परिवारों की इस चिंता को कम करने के लिए योगी सरकार ने शादी अनुदान योजना के तहत मेरठ जिले की 198 बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देने का निर्णय लिया है। योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग को छोड़कर) के पात्र परिवारों को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मेरठ को 198 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल शादी से पहले ही नहीं, बल्कि विवाह के बाद भी लिया जा सकता है। यदि कोई पात्र परिवार पहले आवेदन नहीं कर पाया तो वह शादी की तारीख से 90 दिन पहले और 90 दिन बाद तक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इससे ऐसे परिवारों को भी राहत मिलेगी जो जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से समय पर आवेदन नहीं कर सके।
पत्रता की शर्तें
योजना का लाभ केवल उन अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है। विवाह के समय बेटी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के राष्ट्रीयकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और पात्र लोगों तक सहायता सीधे पहुंचे। आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, विवाह प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र तथा आवेदक और कन्या के फोटो अपलोड करने होंगे। साथ ही दोनों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक होना भी जरूरी है, जिससे आवेदन का सत्यापन और भुगतान समय पर किया जा सके।
बेटी के सम्मानजनक विवाह में आर्थिक तंगी बाधा न बने
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में 198 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। उन्होंने पात्र परिवारों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। उनका कहना है कि सरकार की कोशिश है कि आर्थिक तंगी किसी भी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। शादी अनुदान योजना इसी सोच को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहारा मिल सके।

