Meerut News: कमिश्नरी चौराहे पर हुए धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक (देहात) अभिजीत कुमार ने गुरुवार को कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य सूत्रधार दिग्विजय सिंह भाटी है।
उसके साथ रवि गौतम, सुशील गौतम और हिमांशु सिद्धार्थ की भी प्रमुख भूमिका सामने आई है।
एसपी देहात के अनुसार दिग्विजय भाटी के खिलाफ पहले से नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक बैंक प्रबंधक को बैंक में घुसकर जातिसूचक शब्द कहकर धमकाने, टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों को धमकाने, दुष्कर्म पीड़िता की मां को धमकाने सहित गुंडागर्दी के अन्य मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दिग्विजय को करीब दस दिन पहले ही जिला बदर किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में गिरफ्तार और नामजद अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार कुछ आरोपियों के संबंध कुख्यात अमित मिरिंडा गैंग से होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि नामजद आरोपी ऋतिक के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास और सड़क जाम करने के मामले दर्ज हैं। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और नाबालिगों को आगे कर सड़क जाम कराया गया और उन्हें पुलिस के सामने ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने नाबालिगों, महिलाओं और उनके परिवारजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वैधानिक कार्रवाई केवल उन लोगों के विरुद्ध की गई है, जिनकी भूमिका अराजकता फैलाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसक गतिविधियों में सामने आई है। अभिजीत कुमार ने कहा कि मेरठ ही नहीं, बाहर से आकर कानून-व्यवस्था भंग करने वाले आपराधिक तत्वों को भी चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी किसी को सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

