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Meerut News: गांव-गांव में जनजागरण, फिर आंदोलन, मवाना से भाकियू ने सरकार-प्रशासन को दी सीधी चेतावनी

Meerut News: गांव-गांव में जनजागरण, फिर आंदोलन, मवाना से भाकियू ने सरकार-प्रशासन को दी सीधी चेतावनी

Newstrack 1 week ago

Meerut News: खाद की कालाबाजारी, स्मार्ट मीटर, गन्ना भुगतान में देरी, तहसील में भ्रष्टाचार और सरकारी कर्मचारियों के रवैये से नाराज किसानों ने शनिवार को मवाना में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की समीक्षा बैठक में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

सैकड़ों गांवों से पहुंचे ग्राम अध्यक्षों और किसान प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संगठन ने साफ संकेत दिए कि अब गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाकर किसानों को एकजुट किया जाएगा और समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन का बिगुल फूंका जाएगा।

मवाना के इंदिरा पैलेस में आयोजित बैठक में किसानों ने एक-एक कर अपनी समस्याएं रखीं। सहकारी समितियों में खाद की कथित कालाबाजारी, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया, बिजली संकट, गन्ना भुगतान, तालाबों की सफाई, कुर्रेबंदी के मुकदमों का लंबित निस्तारण, तहसील में भ्रष्टाचार और पुलिस-प्रशासन के व्यवहार को लेकर किसानों ने तीखी नाराजगी जताई।भाकियू के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि संगठन अब केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर सीधे किसानों से संवाद करेगा। इसके लिए जल्द ही 'ग्राम जनजागरण अभियान' शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला कमेटी स्वयं गांवों में जाएगी, किसानों की समस्याओं का दस्तावेज तैयार करेगी और प्रशासन के सामने मजबूती से रखेगी। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।बैठक में एनसीआर महासचिव नरेश मवाना ने कार्यकर्ताओं से प्रशासन के खिलाफ निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। वहीं युवा जिलाध्यक्ष अनूप यादव और हर्ष चहल ने अगले एक माह में मवाना तहसील क्षेत्र में 500 नए युवा कार्यकर्ता और 100 सक्रिय युवा वॉलंटियर तैयार करने का लक्ष्य घोषित किया।

इसे संगठन विस्तार की बड़ी रणनीति माना जा रहा है।तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र तालियान ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जबकि जसबीर सिंह ने खादर क्षेत्र में बूढ़ी गंगा में टिकोला मिल से कथित रूप से छोड़े जा रहे रासायनिक अपशिष्ट और दूषित पानी को किसानों व पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया।बैठक के बीच उपजिलाधिकारी संतोष सिंह और क्षेत्राधिकारी पंकज लवानिया भी पहुंचे। उन्होंने कांवड़ यात्रा की तैयारियों के साथ किसानों की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की और प्रशासन की ओर से सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।भाकियू की इस बैठक को आगामी दिनों में संगठन विस्तार और किसान आंदोलनों की रणनीति तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों की मौजूदगी ने यह भी संकेत दिया कि यदि स्थानीय मुद्दों पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन एक बार फिर तेज हो सकता है।

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