Meerut News: राशन की दुकानों पर लगने वाली कतारें आम दृश्य हैं, लेकिन उस एक किलो गेहूं के पीछे काम करने वाली जटिल व्यवस्था से अधिकांश लोग अनजान रहते हैं। इसी समझ को विकसित करने के लिए मेरठ में युवाओं के लिए 5 दिवसीय अनुभव आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसमें वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को जमीनी स्तर पर समझ रहे हैं।
माय भारत मेरठ की पहल पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को तहसील सदर स्थित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय में जिला युवा अधिकारी यशवंत यादव के नेतृत्व में हुआ। पहले दिन क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी नीरज कुमार और पूर्ति निरीक्षक रिया जायसवाल ने प्रतिभागियों को राशन कार्ड की पात्रता, बायोमेट्रिक वितरण प्रणाली, विभागीय ढांचे और पारदर्शिता बनाए रखने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं की जिज्ञासा भी खुलकर सामने आई। गौरी मेहता ने डीलर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली मशीन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया, वहीं शिवम कुमार ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना की पोर्टेबिलिटी को लेकर जानकारी मांगी। सौरभ ने शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया और समयसीमा पर प्रश्न किया। अधिकारियों ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी और समझ की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक पहल बताया।
आने वाले दिनों में प्रतिभागियों को व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव भी कराया जाएगा। 5 मई को नवीन मंडी स्थित गेहूं क्रय केंद्र, 6 मई को एफसीआई परतापुर गोदाम और 7 मई को उचित दर की दुकानों का भ्रमण कराया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 8 मई को संवाद सत्र और समारोह के साथ होगा।यह पहल जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह के निर्देशन में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जोड़ना और व्यवस्था के प्रति उनकी समझ को गहरा करना है।

