Meerut News: करीब छह वर्ष पहले किठौर क्षेत्र के माछरा गांव में एक विवाहिता को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-20) अभिषेक उपाध्याय ने महिला के पति, जेठ, जेठानी और सास को हत्या का दोषी करार देते हुए सभी को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने प्रत्येक दोषी पर आठ-आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह मामला एक अक्टूबर 2020 का है। गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के तलहेटा गांव निवासी कुलदीप सिंह ने किठौर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बहन संजीत कौर को उसके पति राजवीर सिंह, जेठ जयवीर, जेठानी पूनम और सास कनाक्तो ने पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी संजीत कौर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद हत्या के प्रयास का मुकदमा हत्या की धारा में बदल दिया गया।पुलिस विवेचना में चारों आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के जरिए आरोपों को मजबूती से साबित किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश सरकार के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत इस मुकदमे की लगातार निगरानी की गई। थाना किठौर की कोर्ट पैरवी टीम और मॉनिटरिंग सेल ने समयबद्ध एवं प्रभावी पैरवी करते हुए सभी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इसी का परिणाम रहा कि अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।पुलिस ने इस फैसले को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया है। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

