Ganga Expressway News: जनहित में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि गंगा एक्सप्रेसवे वाणिज्यिक संचालन तिथि (COD) से 15 दिनों तक टोल-मुक्त रहेगा, ताकि आम जनता नए एक्सप्रेसवे पर निःशुल्क यात्रा का अनुभव कर सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने मैसर्स आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैसर्स अडानी इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देशित किया है कि वे गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक टोल वसूली स्थगित रखें। UPEIDA के आदेश संदर्भ संख्या 3837/UPEIDA/2026/Tech दिनांक 30 अप्रैल 2026 के अनुसार, इस स्थगन अवधि के दौरान कोई उपयोगकर्ता शुल्क नहीं लिया जाएगा।
यह आदेश अनंतिम प्रमाणपत्र के बाद जारी किया गया है, जो रियायत करार की धारा 14.3.1 के तहत वाणिज्यिक संचालन तिथि निर्धारित करता है। इस निर्णय का उद्देश्य प्रारंभिक चरण में नागरिकों को एक्सप्रेसवे पर निःशुल्क यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
गंगा एक्सप्रेसवे का विकास पीपीपी मॉडल के तहत DBFOT (टोल) आधार पर किया गया है, जिसके तहत कन्सेशनायर को 27 वर्षों की रियायत अवधि के लिए टोल वसूलने का अधिकार है। 15 दिनों की टोल छूट की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार / UPEIDA द्वारा रियायत करार के प्रावधानों के अनुसार कन्सेशनायर को की जाएगी।
UPEIDA ने यह भी निर्देश दिया है कि रियायतधारक स्थगन अवधि के दौरान रियायत करार की धारा 17 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत निर्धारित सभी संचालन एवं रखरखाव गतिविधियों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।

