Satta Bazar Predictions Before Election Results 2026: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के परिणामों से पहले ही सियासी हलचल इस वक़्त सातवें आसमान पर है, लेकिन इस बार चर्चा केवल एग्जिट पोल तक सीमित नहीं है।
देश के सबसे चर्चित अनौपचारिक नेटवर्क - मुंबई सट्टा बाजार की भविष्यवाणियों ने राजनीतिक माहौल को और पूरी तरह से गरमा दिया है। सट्टा बाजार के ताज़ा रुझान से ऐसे संकेत मिल रहे हैं, जो कई राज्यों में बड़े उलटफेर की तरफ इशारा कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल पर टिकीं सब की नज़रें
इस वक़्त सबसे अधिक निगाहें पश्चिम बंगाल पर टिकी हुई हैं, जहां मुकाबला बहुत ही दिलचस्प माना जा रहा है। लगभग 294 सीटों वाले इस राज्य में बहुमत का आंकड़ा 148 है। सट्टा बाजार के मुताबिक, भाजपा को 175 से 185 सीटें मिल सकती हैं, जो उसे साफतौर पर बहुमत से कहीं आगे ले जाता है। वहीं ममता बनर्जी की अगुवाई वाली TMC लगभग 127 से 132 सीटों पर सिमटती नज़र आ रही है।
विशेष बात यह है कि बाजार में इस बार भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी पर अधिक विश्वास जताया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट रूप से संकेत मिल रहे हैं कि बंगाल में बड़ा सियासी बदलाव अब संभव है।
तमिलनाडु में DMK मजबूत स्थिति में
तमिलनाडु की बात करें तो यहां एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK मजबूत स्थिति में नज़र आ रही है। करीब 234 सीटों वाले राज्य में DMK को 145 से 155 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं AIADMK का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है और उसे 45 से 65 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इसके अलावा अभिनेता विजय की पार्टी TVK भी 7 से 9 सीटें हासिल कर सकती है, जो पहली बार में ही अच्छा-खासा प्रभाव दिखाने जैसा माना जा रहा है।
असम में किसकी तस्वीर साफ़?
पूर्वोत्तर के महत्वपूर्ण राज्य असम में भी तस्वीर काफी हद तक साफ नजर आ रही है। यहां भाजपा का दबदबा बरकरार रहने की संभावना जताई जा रही है। करीब 126 सीटों में से भाजपा को 85 से 92 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस 34 से 38 सीटों के बीच सिमट सकती है। यह रुझान दिखाता है कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ कोई बड़ा एंटी-इंकंबेंसी प्रभाव नहीं दिख रहा।
केरल में हो सकती है UDF की वापसी ?
केरल में इस बार मुकाबला दिलचस्प रहा है, लेकिन सट्टा बाजार UDF की वापसी की तरफ इशारा कर रहा है। 140 सीटों वाले राज्य में UDF को 78 से 85 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि LDF 56 से 66 सीटों पर रह सकता है। भाजपा को यहां 2 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है, जो राज्य में उसकी मौजूदगी को थोड़ा मजबूत कर सकता है।
पुडुचेरी में तस्वीर बहुत ही करीबी मानी जा रही है। 30 सीटों वाले इस केंद्र शासित प्रदेश में NDA को 15 से 18 सीटें मिल सकती हैं, जबकि INDIA गठबंधन 14 से 17 सीटों तक पहुंच सकता है।
क्या कहता है सट्टा बाजार का सर्वे?
दरअसल, सट्टा बाजार कोई आधिकारिक सर्वे नहीं होता, बल्कि यह लोकल बुकियों के नेटवर्क पर आधारित एक अनौपचारिक प्रणाली है। इसमें राजनीतिक घटनाओं, रैलियों, एग्जिट पोल और जमीनी माहौल के आधार पर 'भाव' तय किए जाते हैं। मजबूत मानी जाने वाली पार्टी पर कम रेट और कमजोर पार्टी पर अधिक रेट दिया जाता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि सट्टा बाजार के अनुमान हमेशा सही साबित नहीं होते, लेकिन कई बार इनके संकेत चौंकाने वाले परिणामों की तरफ इशारा अवश्य करते हैं। अब सब की निगाहें आधिकारिक नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि सट्टा बाजार की भविष्यवाणी कितनी सटीक साबित होती है।

