Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट धीरे-धीरे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। लंबे समय से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बढ़ते यात्री दबाव के कारण लोगों को भीड़, लंबी कतारों और स्लॉट की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जैसे शहरों के लाखों यात्रियों को अब नजदीक से हवाई यात्रा का विकल्प मिल रहा है। इससे यात्रा का समय और सड़क मार्ग की दूरी दोनों कम हो रही हैं। यही वजह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने के महज 21 दिनों के भीतर बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। 15 जून से 5 जुलाई के बीच 40 हजार से अधिक यात्री इस एयरपोर्ट से सफर कर चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि पहले दिन के मुकाबले दैनिक यात्री संख्या में करीब 84 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 1 जुलाई से नौ नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू होने के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में नोएडा एयरपोर्ट उत्तर भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है।
21 दिनों में 40 हजार से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर
ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून से नियमित यात्री सेवाएं शुरू हुई थीं। इसके बाद से 5 जुलाई तक कुल 40,060 यात्रियों ने इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया। इस आंकड़े में आने और जाने वाले दोनों तरह के यात्री शामिल हैं। शुरुआत के मुकाबले यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता का बड़ा संकेत है।
पहले दिन से 84% बढ़ा पैसेंजर ट्रैफिक
15 जून को एयरपोर्ट से कुल 1,427 यात्रियों ने यात्रा की थी। वहीं 5 जुलाई तक यह संख्या बढ़कर 2,636 पहुंच गई। यानी सिर्फ तीन सप्ताह के भीतर दैनिक यात्री संख्या में लगभग 84 फीसदी का इजाफा हुआ। यह बढ़ोतरी बताती है कि एयरलाइंस के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा फायदा यात्रियों को मिल रहा है।
नौ नए शहर जुड़ने से मिली बड़ी रफ्तार
1 जुलाई से एयरपोर्ट को नौ नए शहरों से जोड़ दिया गया, जिसके बाद रोजाना यात्रियों की संख्या करीब ढाई हजार तक पहुंचने लगी। नए रूट शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को अब अधिक विकल्प मिलने लगे हैं। इससे एयरपोर्ट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
किन शहरों के लिए शुरू हुई उड़ानें?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद 15 जून से इंडिगो ने लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अमृतसर के लिए नियमित उड़ानें शुरू कीं। 16 जून से अकासा एयर ने जम्मू, बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए सेवाएं शुरू कीं। वहीं 1 जुलाई से नए शहरों को जोड़ने के बाद श्रीनगर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है। इससे उत्तर भारत से कश्मीर जाने वाले यात्रियों को भी नया विकल्प मिला है।
ट्रांसफर और ट्रांजिट यात्रियों की संख्या में भी उछाल
एयरपोर्ट पर केवल सीधी यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या ही नहीं बढ़ी, बल्कि ट्रांसफर और ट्रांजिट यात्रियों का आंकड़ा भी तेजी से ऊपर गया है।
5 जुलाई तक ट्रांसफर यात्रियों की संख्या 658 और ट्रांजिट यात्रियों की संख्या 310 दर्ज की गई। जबकि 15 जून को ट्रांसफर यात्री केवल 10 और ट्रांजिट यात्री 100 थे। यह बदलाव बताता है कि अब नोएडा एयरपोर्ट केवल ओरिजिन और डेस्टिनेशन एयरपोर्ट नहीं रह गया है बल्कि कनेक्टिंग ट्रैवल के लिए भी अहम भूमिका निभाने का काम कर रहा है।
ट्रांसफर और ट्रांजिट यात्री में क्या होता है अंतर?
ट्रांजिट यात्री वह होता है जो उसी विमान में आगे की यात्रा करता है। विमान बीच में कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर रुकता है, लेकिन यात्री विमान से बाहर नहीं निकलता।
वहीं ट्रांसफर यात्री को एक विमान से उतरकर दूसरे विमान में बैठना पड़ता है। इसके लिए उसे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। यह दूसरी उड़ान उसी एयरलाइन या किसी अन्य एयरलाइन की भी हो सकती है।
क्यों खास है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आएक बड़े वैकल्पिक एयर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को नजदीक से हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी।एयरपोर्ट के आसपास तेजी से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की भी उम्मीद की जा रही है। जिससे क्षेत्र में रोजगार और निवेश दोनों बढ़ेंगे।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है यात्रियों की संख्या
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि जैसे-जैसे नए शहरों के लिए उड़ानें बढ़ेंगी और एयरलाइंस अपना नेटवर्क विस्तारित करेंगी, वैसे-वैसे यात्रियों की संख्या में और तेजी आने की संभावना है। त्योहारों के सीजन और आगामी महीनों में नई घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने के बाद एयरपोर्ट का ट्रैफिक और अधिक बढ़ सकता है।

