NSUI Protest Bhopal: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को भोपाल में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के कार्यालय, डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज (आयुष्मान) और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के दफ्तर के बाहर पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
उपमुख्यमंत्री के आवास-सह-कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों में स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को व्यंग्यात्मक संदेशों के जरिए उजागर किया गया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने शहर में कथित रूप से अवैध और फर्जी अस्पतालों को संरक्षण दिए जाने का आरोप भी लगाया।
हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने बाद में उपमुख्यमंत्री के आवास के बाहर लगे पोस्टरों को हटा दिया। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि कई अस्पताल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और कागजों पर फर्जी तरीके से डॉक्टरों और स्टाफ के नाम दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों और विरोध के बावजूद सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
परमार ने चेतावनी दी कि राजधानी में फर्जी अस्पतालों का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है और ग्रामीण इलाकों तथा छोटे शहरों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई आगामी दिनों में उपमुख्यमंत्री के आवास के बाहर बड़े प्रदर्शन की योजना बना रही है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, "नियमित जांच की जा रही है और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कई मामलों में अदालत में शिकायत भी दर्ज कराई गई है।" एनएसयूआई के प्रदर्शन और आरोपों के बीच राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था की साख और सरकारी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।

