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पंजाब सरकार की 'उल्टी गिनती' शुरू? 5 मई को राष्ट्रपति भवन में बड़ा धमाका करेंगे राघव चड्ढा, भगवंत मान की जाएगी कुर्सी?

पंजाब सरकार की 'उल्टी गिनती' शुरू? 5 मई को राष्ट्रपति भवन में बड़ा धमाका करेंगे राघव चड्ढा, भगवंत मान की जाएगी कुर्सी?

Newstrack 1 week ago

Raghav Chadha President meeting news: पंजाब की सियासत में इन दिनों भूकंप आया हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 'चाणक्य' माने जाने वाले राघव चड्ढा ने अब अपनी ही पुरानी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के खिलाफ सीधी जंग का ऐलान कर दिया है।

24 अप्रैल को सात सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होने के बाद अब राघव चड्ढा ने सीधे देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दरवाजा खटखटाया है। सूत्रों की मानें तो राष्ट्रपति भवन ने उन्हें 5 मई को सुबह 10:40 बजे मुलाकात का समय दे दिया है। इस बैठक में राघव चड्ढा के साथ वे तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे जो हाल ही में 'आप' छोड़कर भाजपा के खेमे में आए हैं। यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि पंजाब की मान सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

चड्ढा ने खोला मान सरकार के खिलाफ मोर्चा

इस अहम मुलाकात का एजेंडा बिल्कुल साफ है। राघव चड्ढा और उनके साथी सांसदों का आरोप है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार 'बदले की आग' में जल रही है। उनका दावा है कि जिन नेताओं ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर भाजपा का दामन थामा है, उन्हें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके निशाना बनाया जा रहा है। ये सांसद राष्ट्रपति को पंजाब की कानून-व्यवस्था और सरकारी दमन की उन कहानियों से अवगत कराएंगे, जो पिछले कुछ दिनों में घटित हुई हैं। इन सांसदों की मांग है कि केंद्र सरकार और राष्ट्रपति इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें ताकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को डराने-धमकाने का यह खेल बंद हो सके।

जब 'अपनों' ने ही दिया धोखा: राज्यसभा में मची भगदड़

यह पूरा सियासी ड्रामा 24 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ, जब राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने अरविंद केजरीवाल का साथ छोड़कर भाजपा में विलय कर लिया। इनमें से छह सांसद अकेले पंजाब से थे। इस बगावत ने न केवल पंजाब की राजनीति को हिला दिया, बल्कि राज्यसभा में भी समीकरण बदल दिए। इन सांसदों में संदीप पाठक, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता जैसे बड़े नाम शामिल थे। चड्ढा का तर्क है कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुकी है और अब वहां काम करना मुमकिन नहीं था। चूंकि ये संख्या कुल सांसदों की दो-तिहाई थी, इसलिए तकनीकी तौर पर इनका भाजपा में विलय स्वीकार कर लिया गया।

संदीप पाठक पर पुलिस की दबिश और हरभजन की सुरक्षा पर कैंची

बागी सांसदों के खिलाफ पंजाब सरकार का 'एक्शन' अब जमीन पर दिखने लगा है। कभी केजरीवाल के बेहद करीबी रहे संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज की हैं। हालत यह हो गई कि पंजाब पुलिस की एक टीम उन्हें पकड़ने दिल्ली स्थित उनके घर तक पहुंच गई, लेकिन पाठक वहां से पहले ही निकल चुके थे। इतना ही नहीं, पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली गई है। वहीं, सांसद राजिंदर गुप्ता की कंपनी 'ट्राइडेंट लिमिटेड' पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की छापेमारी ने इस विवाद में घी डालने का काम किया है। इन घटनाओं को राघव चड्ढा 'राजनीतिक प्रतिशोध' का सबसे बड़ा उदाहरण बता रहे हैं।

क्या होगा पंजाब की सियासत का भविष्य?

राष्ट्रपति और राघव चड्ढा के बीच होने वाली यह मुलाकात पंजाब सरकार के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। यदि चड्ढा राष्ट्रपति को यह समझाने में सफल रहे कि पंजाब में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल केवल विपक्ष को कुचलने के लिए हो रहा है, तो केंद्र सरकार कड़े कदम उठा सकती है। उधर, आम आदमी पार्टी ने इन सांसदों को 'गद्दार' बताते हुए इनकी सदस्यता रद्द कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। अब सबकी नजरें 5 मई की उस सुबह पर टिकी हैं, जब राघव चड्ढा राष्ट्रपति भवन की सीढ़ियां चढ़ेंगे। यह मुलाकात तय करेगी कि पंजाब में जारी यह 'सियासी रंजिश' किसी बड़े संवैधानिक संकट की ओर बढ़ेगी या भगवंत मान की सरकार इस घेराबंदी को तोड़ने में सफल होगी।

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