Dailyhunt

परमाणु ताकत का खोखला दावा...पाकिस्तान ने सऊदी अरब को दिया धोखा? मिडिल ईस्ट संकट ने खोला Pak के 'डिफेंस पैक्ट' का सच

Newstrack 2 weeks ago

Pakistan Saudi Arabia Agreement: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जब Iran और Saudi Arabia के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं, तब Pakistan की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के प्रति राजनीतिक समर्थन जरूर जताया है, लेकिन अब तक उसने किसी तरह की प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई या सैनिक तैनाती नहीं की है।

इससे दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते की प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है।

2025 का रक्षा समझौता क्या कहता है?

सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच स्ट्रैटजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत यह प्रावधान था कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। सऊदी अरब को उम्मीद थी कि संकट की स्थिति में पाकिस्तान उसकी सुरक्षा के लिए आगे आएगा। पाकिस्तान को मुस्लिम दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न देश माना जाता है, इसलिए इस समझौते से सऊदी अरब को एक मजबूत सैन्य सहयोगी मिलने की उम्मीद थी।

पाकिस्तान का समर्थन फिलहाल कूटनीतिक

हालिया घटनाक्रम में पाकिस्तान की ओर से सैन्य हस्तक्षेप देखने को नहीं मिला है। हालांकि पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सऊदी अरब का दौरा किया और उसके प्रति समर्थन और एकजुटता जताई। लेकिन यह समर्थन मुख्य रूप से कूटनीतिक और बयानबाजी तक ही सीमित दिखाई देता है। जमीन पर पाकिस्तान ने अभी तक किसी सैन्य सहायता की घोषणा नहीं की है।

ईरान के खिलाफ खुलकर क्यों नहीं आ रहा पाकिस्तान?

पाकिस्तान की स्थिति जटिल है क्योंकि उसके ईरान के साथ भी मजबूत संबंध हैं। दोनों देशों की लंबी सीमा साझा है और पाकिस्तान में शिया समुदाय की संख्या भी काफी प्रभावशाली है। खासकर Gilgit-Baltistan जैसे क्षेत्रों में शिया आबादी अधिक है। ऐसे में अगर पाकिस्तान ईरान के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई करता है तो देश के अंदर असंतोष और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियां भी बड़ी वजह

पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जिससे उसके लिए किसी बड़े सैन्य संघर्ष में शामिल होना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा Afghanistan सीमा पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां और India के साथ लगातार तनाव भी पाकिस्तान की रणनीति को प्रभावित करते हैं।इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान फिलहाल संतुलित और सतर्क नीति अपनाते हुए सीधे सैन्य टकराव से बचता नजर आ रहा है, जबकि कूटनीतिक स्तर पर सऊदी अरब के साथ अपने संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi