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Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, राम मंदिर और वक्फ मुद्दे पर कांग्रेस-सपा को घेरा

Pratapgarh News: प्रतापगढ़ में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, राम मंदिर और वक्फ मुद्दे पर कांग्रेस-सपा को घेरा

Newstrack 2 days ago

प्रतापगढ़, 7 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के नेताओं को खरी-खरी सुनाते हुए राम मंदिर व वक्फ के मुद्दे पर आईना दिखाया। उन्होंने दो-टूक कहा कि हिंदू आस्था पर प्रहार करने वालों के मुंह पर वक्फ के नाम पर फेविकोल क्यों चिपक जाता है?

दरअसल सपा व कांग्रेस की पीड़ा यह है कि वे जहां गुलामी का बाबरी ढांचा देखना चाहते थे, वहां भगवान राम का मंदिर बन गया है। सपाइयों व कांग्रेसियों को देख गिरगिट भी शर्माता है कि यह प्रजाति हमसे भी तेज गति से रंग बदलती है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज में प्रतापगढ़ व विश्वनाथ गंज विधानसभा क्षेत्रों के लिए 384 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। सीएम ने देवी-देवताओं, संतों, साहित्यकारों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, राजनेताओं का उल्लेख कर प्रतापगढ़ की समृद्ध विरासत को नमन किया। उन्होंने कहा कि आंवले की औषधीय मिठास बिखेर रहा प्रतापगढ़ स्वावलंबन का उदाहरण है। लेकिन प्रतापगढ़ के किसानों, बागवानों व उनके पूर्वजों ने आंवला उत्पादन कर हमें अमृत फल दिया।

जातीय आधार पर समाज को बांटना चाहता है विपक्ष

सीएम ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आपने सपा व कांग्रेस समेत अन्य दलों के दलदल को देखा है। जिन्होंने युवाओं व नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था, चुनाव आते ही वे फिर से साजिशें कर रहे हैं। विपक्ष को यूपी की प्रगति, उपद्रव से मुक्ति, उत्साहपूर्ण वातावरण, विरासत का सम्मान, मां बेल्हा देवी, मां चंद्रिका देवी, करपात्री जी महाराज के पुनरुद्धार कार्य और नौजवानों को रोजगार देना अच्छा नहीं लग रहा, क्योंकि नौजवान काम करेंगे तो जातिवाद की राजनीति समाप्त होगी। विपक्ष फिर से जातीय आधार पर समाज का ताना-बाना छिन्न-भिन्न करना चाहता है।

कांग्रेस व सपा को अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं

सीएम ने कहा कि सपा व कांग्रेस के पास कोई नया मुद्दा नहीं है। इनके पास दो ही मुद्दे बचे हैं, जाति के नाम पर विभाजन और आस्था पर प्रहार। कुछ दिनों से ये लोग भारत की सनातन आस्था पर प्रहार करने की शरारत कर रहे हैं। अयोध्या में बाबरी ढांचे का समर्थन करने वाली कांग्रेस व सपा ने गिरगिट की तरह रंग बदला है। ये लोग कह रहे कि अयोध्या में आस्था से खिलवाड़ हो रहा है। आखिर अयोध्या पर इनकी आस्था कब से हो गई? रामभक्तों के पूर्वजों ने अयोध्या की लड़ाई लड़ी है, वे बोल सकते हैं, लेकिन कांग्रेस व सपा को अयोध्या पर बोलने का अधिकार नहीं है।

देश अब कांग्रेस व सपा के चंगुल में नहीं फंसेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम के अस्तित्व पर प्रहार करने वाली कांग्रेस और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाली समाजवादी पार्टी के मुंह से आस्था की बात अच्छी नहीं लग रही। हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार का पैसा सपा कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल पर खर्च करती थी। अब यह देश कांग्रेस व सपा के चंगुल में नहीं फंसने वाला। आज की अयोध्या पीएम मोदी के विजन के अनुरूप प्रभु राम के समय का स्मरण कराती है। वहां फोरलेन, रेल, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट आदि की सुविधाएं केवल भाजपा ही कर सकती है। निषादराज रैनबसेरा, मां शबरी भोजनालय का निर्माण हुआ। राम की पैड़ी पर भव्य सुंदरता है। विपक्ष के दुष्प्रचार के बावजूद भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या आ रहे हैं।

एक घटना को लेकर हिंदुओं को अपमानित कर रहे ये लोग

सीएम ने कहा कि सपा व कांग्रेस के लोग एक घटना को लेकर हिंदुओं को अपमानित कर आस्था पर प्रहार कर रहे हैं। अयोध्या में कथित चोरी पर हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन देश-प्रदेश में वक्फ के नाम पर गरीबों, कमजोर लोगों की हजारों हेक्टेयर लैंड बेची गई। इन जमीनों पर गरीबों को पट्टे दिए जा सकते थे। कन्वेंशन सेंटर, दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बनाए जा सकते थे। वक्फ के नाम पर कब्जा करा के और उसे बेचकर कुछ चुनिंदा लोगों ने हेरा-फेरी की है, लेकिन इस पर कांग्रेस व सपा ने एक शब्द नहीं बोला।

वक्फ के नाम पर कांग्रेस-सपा के मुंह पर क्यों चिपका है फेविकोल

सीएम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रदेश सरकार से एसआईटी के गठन की मांग की थी। मैंने कहा था कि एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके ही रहेगी। इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई। जिनके खिलाफ साक्ष्य थे, उन पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन वक्फ के नाम पर कांग्रेस-सपा के मुंह पर फेविकोल क्यों चिपका है? ये लोग जब गोमाता की तस्करी कराते थे, अवैध स्लाटर हाउस में उसकी हत्या कराते थे, अयोध्या में लाठी-गोली चलाते थे, भगवान राम-कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा व दुर्गा पूजा के पंडालों को रोकते थे, त्योहारों के पहले दंगे कराते थे तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी? सपा व कांग्रेस वाले क्या इसका जवाब देंगे? हर जागरूक नागरिक को इन लोगों से ये प्रश्न करने चाहिए।

नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालकर नीलामी करता था सैफई घराना

सीएम ने कहा कि अब प्रतापगढ़ के युवा भी नियुक्ति पत्र पाते हैं। 60,244 पुलिस भर्ती में यहां के भी सैकड़ों युवा भर्ती हुए। उप्र लोकसेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा चयन आयोग के परीक्षा परिणाम में भी यहां के युवा स्थान प्राप्त करते हैं। पहले सैफई घराना नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालकर इनकी नीलामी करता था, जिससे होनहार नौकरियों से वंचित रहते थे। जब नौजवान पलायन करेगा तो दुर्गति तय है और यूपी इसीलिए बीमारू हुआ था। अब भी वही तंत्र, वही लोग, वही राज्य है, लेकिन एनडीए सरकार ने काम करने की स्टाइल बदली है।

सीएम ने विकास कार्यों को गिनाकर विधायकों को दिया श्रेय

सीएम ने सरकार के विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए विधायकों के कार्यों की सराहना की। कहा, 2017 के पहले यहां मेडिकल कॉलेज कल्पना थी, लेकिन अब डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर मेडिकल कॉलेज है। आज नर्सिंग कॉलेज का शिलान्यास हो रहा है, बेटियां इस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की पढ़ाई करेंगी। सीएम ने प्रगति को समृधि का आधार बताते हुए कहा कि मां बेल्हा देवी, चंद्रिका देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण, करपात्री जी महाराज से जुड़े स्थल के कार्यों, कनेक्टिविटी के लिए प्रतापगढ़ को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए प्रयागराज व पश्चिमी यूपी से प्रतापगढ़ की दूरी कम की गई।

9-10 वर्ष पहले पिछड़े जनपदों में होती थी प्रतापगढ़ की गिनती

सीएम ने कहा कि 9-10 वर्ष पहले प्रतापगढ़ की गिनती पिछड़े जनपदों में होती थी। यहां कनेक्टिविटी, सड़कों समेत बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। हर कोई हतोत्साहित था, पर अब सरकार का प्रोत्साहन पाने से हर कोई उत्साहित है। 2014 के पहले देश और 2017 के पहले प्रदेश में प्रोत्साहन का अभाव था, जिससे गरीब हताश और निराश था। नौजवान पलायन के लिए और किसान आत्महत्या के लिए विवश था। बेटी-बहन असुरक्षित, कारीगर बेरोजगार था। आशा की किरण नहीं दिख रही थी। पिछली सरकारों ने एक जनपद-एक माफिया दिया, हमने एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज दिया। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट देकर हमने परंपरागत उद्यमों की ब्रांडिंग की। उन्हें दुनिया के बाजार में पहुंचाया।

2017 से पहले नहीं होती थी सुनवाई

सीएम ने सपा पर प्रहार करते हुए कहा कि वे माफिया पालते थे। गरीब, किसान की सुनवाई नहीं होती थी। हमने वोटबैंक नहीं देखा, बल्कि 'सबका साथ-सबका विकास' के भाव संग कार्य कर रहे हैं। सीएम ने उत्तर प्रदेश में सरकार की हर योजनाओं से आच्छादित लाभार्थियों की संख्या भी बताई। कहा कि जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में फ्री उपचार की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार के लिए तत्काल पैसा दिया जा रहा है। 2017 से पहले राज्य में किसी की कोई सुनवाई नहीं थी।

हर वर्ग के हित में किए गए कार्य

सीएम ने डबल इंजन सरकार के कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, निजी ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली की सुविधा यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने दी। किसानों के लिए प्रोक्यूरमेंट सेंटर खोले गए। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई गई। नौजवानों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना ब्याज-गारंटी 5 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। जिन बच्चों के अभिभावक नहीं हैं, उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के जरिए हर महीने चार हजार रुपये दिलाते हैं। श्रमिकों के बच्चे अटल आवासीय विद्यालय में पढ़ रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकार बच्चों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, पेयजल, टॉयलेट, फर्नीचर, दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूता-मोजा, स्वेटर आदि दे रही है। 2017 के पहले यह सब नहीं मिलता था। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाया गया और कल से पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करने जा रहे हैं। हर तबके को विकास से जोड़ना ही डबल इंजन सरकार की पहचान है।

इस अवसर पर चिकित्सा व स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य, विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य, जीत लाल पटेल, विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, नगर पालिका परिषद बेल्हा की अध्य़क्ष प्रेमलता सिंह, पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह', शिवाकांत ओझा, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, धीरज ओझा, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश सिंह, जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव आदि की मौजूदगी रही।

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