R. Madhavan G.D.N Movie Story Based On: एक्टर आर.माधवन जिन्होंने धुरंधर 2 में अपनी बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों के दिलों पर एक अलग छाप छोड़ी है। आर.माधवन की ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित होती है।
3 इडियट्स, शैतान, धुरंधर और फिर धुरंधर 2 इन सभी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा-खासा कलेक्शन किया। तो वहीं धुरंधर 2 की सफलता के बाद आर.माधवन ने अपनी नई फिल्म अनॉउंस कर दी है। R. Madhavan की नई फिल्म का नाम G.D.N है जोकि G.D. Naidu की बॉयोपकि पर आधारित है। R. Madhavan की G.D.N Movie का पोस्टर उनके जन्मदिन के अवसर पर देर रात जारी किया गया। इसके साथ ही ये भी बताया गया कि R. Madhavan की फिल्म G.D.N Movie सिनेमाघरों में 17 जुलाई 2026 को रिलीज होगी। चलिए जानते हैं R. Madhavan ने G.D.N Movie में जिस G.D. Naidu का किरदार प्ले किया है, आखिर वो कौन हैं।
जी.डी. नायडू कौन हैं, जिनका रोल आर.माधवन ने जी.डी.एन मूवी में निभाया (Who Is G.D. Naidu R. Madhavan Play Role In G.D.N Movie)-

G.D. Naidu का जन्म 23 मार्च 1893 को कोंयबटूर के पास स्थित एक गाव कलांगल में हुआ था। उन्हें पढ़ाई पसंद नहीं थी। जिसकी वजह से उन्होंने प्रारम्भिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। जी.डी. नायडू ने कई छोटे-मोटे काम किए और अंत में इतना पैसा बचा लिया कि उन्होंने एक मोटरसाइकिल खरीद ली। उस मोटरसाइकिल को बार-बार खोलकर उसे जोड़कर उन्होंने इंजीनियरिंग के सिद्धांत सीख लिए। उन्होंने अपनी कंपनी, न्यू इलेक्ट्रिक वर्क्स के तहत 1930 के दशक में भारत की पहली स्वदेशी इलेक्ट्रिक मोटर का सह-विकास किया। जी.डी. नायडू ने 1920 के दशक में एक ही बस मार्ग (पोल्लाची-पलानी) से शुरुआत की और पूरे दक्षिण भारत में 600 से अधिक बसों का एक विशाल परिवहन बेड़ा खड़ा किया।अभिनव इलेक्ट्रिक रेज़र का डिज़ाइन और निर्माण किया गया। भारत के पहले किफायती 5-वाल्व वाले रेडियो सेट (यूएमएस रेडियो) के साथ-साथ टेप रिकॉर्डर, कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग उपकरणों का निर्माण किया। भारत में व्यावहारिक इंजीनियरिंग कौशल की कमी को पहचानते हुए, उन्होंने 1945 में कोयंबटूर में पहले पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की। उनको भारत का पहला एडिसन भी कहा जाता है।
जी.डी. नायडू के परिवार में कौन-कौन है (G.D. Naidu Family)-

जी.डी. नायडू की पत्नी का नाम श्रीमती चेल्लमल नायडू है। जो कोयंबटूर में जीडी मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल की देखरेख करती थी। जी.डी. नायडू और श्रीमती चेल्लमल नायडू के बेटे का नाम गोपालस्वामी दोरैस्वामी नायडू की विरासत को आगे बढ़ाया। इनको जी.डी. गोपाल के नाम से भी जाना जाता है। जिनका देहांत 1974 में हो गया है। इनके बाद उनके बच्चों ने यानि जी.डी. नायडू को पोते-पोतियों ने ये सब संभाला। जीडी राजकुमार उनके पोते हैं, जो जीडी ग्रुप का संचालन वर्तमान में कर रहे हैं। जी.डी.नायडू कीपोती का नाम शांतिनी है।


