Raebareli News: सलोन क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में दलित युवक मेवालाल पासी की मौत के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। मृतक के परिजनों को न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के दौरे की घोषणा के बाद प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता भी अचानक बढ़ गई।
पूरा मामला सलोन थाना क्षेत्र के पूरे कुशल गांव का है। कुछ दिन पहले सड़क हादसे में मेवालाल पासी की मौत हो गई थी। परिजनों ने मुआवजे और अन्य सहायता की मांग की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने शव को प्रतापगढ़ मार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाया और पथराव समेत अन्य आरोपों में कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी बीच सांसद चंद्रशेखर आजाद को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने परिजनों से फोन पर बातचीत कर उनसे मिलने रायबरेली आने की घोषणा की। सांसद के 7 जुलाई के प्रस्तावित दौरे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
सांसद के पहुंचने से पहले सलोन से भाजपा विधायक अशोक कोरी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। इस दौरान परिवार को आवासीय पट्टा, कृषि भूमि का पट्टा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। साथ ही प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमों को समाप्त कराने का मौखिक आश्वासन भी दिया गया। रायबरेली पहुंचने पर सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि प्रशासन पहले ही सक्रिय हो जाता तो उन्हें आने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि यदि उनके आने की घोषणा के बाद ही प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुध ली है, तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा और वह अधिकारियों से लिखित आश्वासन की मांग करेंगे।
सांसद ने कहा कि वह जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर पीड़ित परिवार की सभी समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। मीडिया के सवालों पर सांसद ने अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है और मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने की मांग की।
वहीं 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भाजपा को छोड़कर अन्य दलों के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी की कोर कमेटी और शीर्ष नेतृत्व करेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रायबरेली का यह मामला अब केवल सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

