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Raebareli News: नहर का पानी घरों में घुसा, 30 से अधिक लोग पहुंचे शेल्टर होम; SDM ने लिया जायजा

Raebareli News: नहर का पानी घरों में घुसा, 30 से अधिक लोग पहुंचे शेल्टर होम; SDM ने लिया जायजा

Newstrack 2 weeks ago

Bareilly News: नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी की गौशाला में चारे के भुगतान में कथित अनियमितता और लाखों रुपये के गबन के आरोपों की जांच सोमवार से शुरू हो गई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग बरेली के अधिशासी अभियंता विनय शर्मा नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने शिकायतकर्ता भाजपा नेता आशीष अग्रवाल के बयान दर्ज किए और गौशाला में चारे के भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच की।

बताया गया कि शासन स्तर से 30 जून को मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। शासन के सचिव राजेश्वर सिंह ने जिलाधिकारी बरेली को प्रकरण की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था। इसके बाद अपर जिलाधिकारी पूर्णिमा सिंह के स्तर से एसडीएम मीरगंज, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता और खंड विकास अधिकारी मीरगंज को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।सोमवार को जांच समिति के सदस्य एक्सईएन विनय शर्मा नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल के बयान दर्ज करने के साथ गौशाला में चारे के भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। इस दौरान नगर पंचायत के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी पुष्पेंद्र राठौर कार्यालय में मौजूद नहीं मिले।

भुगतान में बढ़ोतरी का लगाया आरोप

शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल का आरोप है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी शिवलाल राम के कार्यकाल में छह माह के दौरान गौशाला में करीब 3.50 लाख रुपये के चारे का भुगतान किया गया था। उनका दावा है कि पुष्पेंद्र राठौर की तैनाती के बाद चारे का मासिक भुगतान बढ़कर करीब तीन लाख रुपये तक पहुंच गया।आशीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भुगतान में वृद्धि के बावजूद गौशाला में मौजूद पशुओं की संख्या के अनुरूप मानक के अनुसार चारा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने इस संबंध में शासन स्तर पर शिकायत कर जांच की मांग की थी।

दस्तावेजों के आधार पर होगी जांच

शिकायतकर्ता ने कहा कि शासन ने जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन जांच प्रक्रिया शुरू होने में देरी हुई। अब जांच समिति शिकायतकर्ता के बयान, चारा भुगतान से जुड़े अभिलेखों और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल करेगी।जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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