Roof Rack Impact on Electric Cars: ईंधन के घटते सोर्स और लगातार बढ़ती पर्यावरण संरक्षण की जरूरत ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चलन को हवा देने का काम किया है। यही वजह है कि EV कार आज के समय में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं और लोग इन्हें खास तौर पर उनकी बेहतर रेंज और कम खर्च के कारण पसंद कर रहे हैं।
लेकिन कई बार कुछ छोटी-छोटी चीजें, जिन पर हम ध्यान नहीं देते, गाड़ी की रेंज को बड़ा नुकसान पहुंचा देती हैं। कार की छत पर लगाया जाने वाला रूफ रैक भी ऐसी ही एक सुविधा है, जो जरूरत के समय काम तो आती है, लेकिन इलेक्ट्रिक कार की बैटरी और परफॉर्मेंस पर नकारात्मक असर डाल सकती है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि EV में रूफ रैक का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए।
हवा का दबाव बढ़ने से रेंज पर पड़ता है असर
जब कार की छत पर रूफ रैक लगाया जाता है, तो गाड़ी का डिजाइन पहले जैसा स्मूद नहीं रहता। चलते समय हवा कार के ऊपर से आसानी से निकलने के बजाय रुकती और टकराती है। इससे हवा का दबाव बढ़ जाता है और गाड़ी को आगे बढ़ने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। इलेक्ट्रिक कार में यह अतिरिक्त ताकत सीधे बैटरी से आती है, जिससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और रेंज कम हो जाती है।
खाली रूफ रैक भी करता है नुकसान
कई लोग यह मान लेते हैं कि अगर रूफ रैक पर कोई सामान नहीं रखा है, तो इसका असर नहीं होगा। लेकिन असलियत इससे अलग है। खाली रैक भी हवा के बहाव को प्रभावित करता है। यही कारण है कि बिना सामान के भी गाड़ी की रेंज में लगभग 10 से 12 प्रतिशत तक की कमी देखी जा सकती है। यानी सिर्फ रैक लगा होने भर से ही बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है।
सामान रखने पर और ज्यादा घटती है रेंज
अगर रूफ रैक पर सामान रखा हो, जैसे साइकल, बैग या बड़ा बॉक्स, तो स्थिति और खराब हो जाती है। इससे न सिर्फ हवा का दबाव बढ़ता है, बल्कि गाड़ी का वजन भी ज्यादा हो जाता है। इन दोनों कारणों से बैटरी की खपत तेजी से बढ़ती है। ऐसे में रेंज में 25 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है, जो लंबी यात्रा के दौरान बड़ी समस्या बन सकती है।
हाईवे पर असर सबसे ज्यादा दिखाई देता है
शहर की तुलना में हाईवे पर गाड़ी की स्पीड ज्यादा होती है, और स्पीड बढ़ने के साथ हवा का दबाव भी बढ़ता जाता है। यही कारण है कि हाईवे पर रूफ रैक का असर ज्यादा साफ नजर आता है। तेज रफ्तार में गाड़ी को हवा के खिलाफ ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है, जिससे बैटरी जल्दी खत्म होती है और आपको बार-बार चार्जिंग की जरूरत पड़ सकती है।
वजन बढ़ने से भी बढ़ती है बैटरी खपत
रूफ रैक पर रखा गया अतिरिक्त सामान गाड़ी के कुल वजन को बढ़ा देता है। ज्यादा वजन होने पर मोटर को ज्यादा पावर देनी पड़ती है, जिससे बैटरी की खपत बढ़ जाती है। खासकर जब आप लंबी दूरी तय कर रहे हों, तब यह अतिरिक्त वजन रेंज पर बड़ा असर डालता है।
पेट्रोल-डीजल कार के मुकाबले EV पर ज्यादा असर
पेट्रोल और डीजल कारों में भी रूफ रैक माइलेज को प्रभावित करता है, लेकिन इलेक्ट्रिक कारों में इसका असर ज्यादा देखने को मिलता है। इसका कारण यह है कि EV पूरी तरह बैटरी पर निर्भर होती हैं और उनकी एफिशिएंसी हर छोटे बदलाव से प्रभावित होती है। इसलिए जो चीज पारंपरिक कारों में मामूली लगती है, वही इलेक्ट्रिक कार में बड़ा फर्क पैदा कर सकती है।
रेंज बचाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
अगर आपको रूफ रैक का इस्तेमाल करना जरूरी है, तो कुछ बातों का ध्यान रखकर आप नुकसान को कम कर सकते हैं। जब रैक की जरूरत न हो, तो उसे हटा देना सबसे अच्छा विकल्प है। इसके अलावा हल्के और एयरोडायनामिक डिजाइन वाले रैक का चुनाव करना भी फायदेमंद रहता है। टायर का प्रेशर सही बनाए रखना चाहिए ताकि गाड़ी पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। हाईवे पर ड्राइव करते समय खिड़कियां बंद रखने से भी हवा का असर कम होता है। साथ ही, स्मूद ड्राइविंग और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का सही इस्तेमाल करने से बैटरी की बचत की जा सकती है।
लंबी यात्रा से पहले प्लानिंग है जरूरी
अगर आप इलेक्ट्रिक कार से लंबी यात्रा पर जा रहे हैं, तो पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी है। कोशिश करें कि रूफ रैक का इस्तेमाल तभी करें जब बहुत जरूरी हो। साथ ही, रास्ते में आने वाले चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी पहले से जुटा लें। गाड़ी के इको मोड का इस्तेमाल करें और ड्राइविंग स्टाइल को संतुलित रखें, ताकि बैटरी ज्यादा समय तक चले।
रूफ रैक एक उपयोगी सुविधा जरूर है, लेकिन इलेक्ट्रिक कार में इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। यह आपकी गाड़ी की रेंज को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है, खासकर जब आप लंबी दूरी तय कर रहे हों। ऐसे में जरूरी है कि आप छोटी-छोटी सावधानियां अपनाएं और अपनी EV की एफिशिएंसी को बनाए रखें, ताकि सफर आरामदायक और किफायती बना रहे।

