Shravasti News: "यदि हर घर से थोड़ा-सा सहयोग मिल जाए, तो हजारों निराश्रित गोवंशों का जीवन संवर सकता है"-इसी भाव के साथ जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनपदवासियों से एक संवेदनशील अपील की है।
उन्होंने लोगों से कहा है कि वे गोवंशों के संरक्षण और भरण-पोषण में अपनी भागीदारी निभाएं और मानवीय जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करें।
जनपद श्रावस्ती में वर्तमान समय में स्थायी और अस्थायी गो आश्रय स्थलों में करीब 14,198 निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। इन मूक जीवों के भोजन और देखभाल की व्यवस्था शासन के मानकों के अनुसार की जा रही है, लेकिन बढ़ती संख्या के बीच समाज के सहयोग की जरूरत और भी अहम हो गई है।डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने खासतौर पर इस समय चल रहे गेहूं की कटाई और भूसा तैयार होने के मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक भूसा दान करें। उनका कहना है कि "खेतों से निकला थोड़ा-सा भूसा भी किसी गोवंश के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकता है।"
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पशु प्रेमियों और आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने नजदीकी गो आश्रय स्थलों पर जाकर सीधे भूसा दान करें या फिर आर्थिक सहयोग के माध्यम से भी इस पुण्य कार्य में भागीदारी निभाएं। इसके लिए प्रशासन ने "गौ संरक्षण एवं संरक्षण कोष" के नाम से एक विशेष खाता भी संचालित किया है, जिसमें क्यूआर कोड के माध्यम से दान किया जा सकता है।प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दान की गई हर राशि और सामग्री का उपयोग केवल गोवंशों के भरण-पोषण के लिए ही किया जाएगा।यह अपील सिर्फ प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक भावनात्मक संदेश भी है-कि इंसानियत केवल इंसानों तक सीमित नहीं, बल्कि उन मूक जीवों तक भी पहुंचनी चाहिए, जो हमारी संवेदनशीलता और सहयोग के मोहताज हैं।

