Akhilesh Yadav Targets SIT: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) से मुलाकात करने के बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने जांच टीम के एक सदस्य के कथित आपराधिक रिकार्ड का जिक्र करते हुए बड़ा आरोप लगाया है।
वहीं शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोविष्ठि यात्रा लेकर लखनऊ पश्चिम पहुंचे हुए हैं। ऐसे समय में यह मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि राम मंदिर दान चोरी (Ram Mandir Donation Theft) विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है।
गौ माता के सम्मान को लेकर हुई चर्चा
शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अभी पूजनीय शंकराचार्य से मिलकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य सैफई भी गए थे और पूरे प्रदेश में 30 स्थानों का दौरा कर चुके हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य गौ माता (Cow) को लेकर बेहद चिंतित हैं और ऐसा रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान मिल सके।
बीजेपी पर साधा निशाना
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज की सरकार अपने स्वार्थ के लिए अपने विचार और सिद्धांत बदलती रहती है। उनका आरोप था कि बीजेपी के लोग वोट के लिए अपने विचार बदल देते हैं। उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है जब हर चीज रिकॉर्ड पर है और लोग सब कुछ देख और समझ सकते हैं
चढ़ावा चोरी पर फिर बोले अखिलेश
वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि केवल सांचा नहीं बल्कि पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी और जिन्होंने जिम्मेदारी सौंपी थी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना से पूरी दुनिया के सनातनी दुखी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अयोध्या (Ayodhya) में भगवान राम (Lord Ram) ने जो मर्यादा स्थापित की थी, उसे तोड़-मरोड़कर महापाप किया गया है।
SIT जांच पर उठाए सवाल
वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) को लेकर भी अखिलेश यादव ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआईटी में एक ऐसे सदस्य हैं जिन पर 420 का मुकदमा दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई छोटी नहीं बल्कि दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई है। उन्होंने दोहराया कि केवल सांचा नहीं बल्कि पूरा ढांचा बदलना चाहिए। उनका कहना था कि इस घटना से सनातनी समाज और गौ माता की रक्षा करने वाले लोग आहत हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि छोटे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जिन लोगों पर जिम्मेदारी थी, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के एक बड़े नेता पर चंदा लेने के लिए पर्ची छपवाने का आरोप था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 980 बार फोन किया गया और यदि मंदिर से जुड़े 90 प्रतिशत लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर ली जाए तो बीजेपी में भगदड़ मच जाएगी।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री (Chief Minister) के अयोध्या दौरे का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री अयोध्या जा रहे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन वह इतनी बार वहां गए फिर भी चोरी पकड़ में नहीं आई। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसी संस्कृति न लाए कि विपक्ष में रहने वालों के साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाए।
शंकराचार्य ने भी सरकार से पूछे सवाल
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वहां घोटाला हुआ है तो मुख्यमंत्री क्या कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि कार्रवाई होगी, लेकिन कार्रवाई तो तब भी होगी जब नया मुख्यमंत्री आएगा और वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगा।

